facebookmetapixel
Advertisement
Explainer: जमीन बेचने से हुई कमाई? जानें ‘लैंड सेल’ को लेकर क्या हैं टैक्स के नियम, नहीं तो होगी मुश्किलNoel Tata resign: एक हफ्ते में दूसरा बड़ा कदम, ट्रेंट के बाद वोल्टास को भी अलविदा कहेंगे नोएल टाटाJio IPO के पीछे का सीक्रेट मिशन! मुकेश अंबानी का ‘Project Jupiter’ क्या था?ITR Status Check: ITR फाइल के बाद खुद अपना इनकम टैक्स रिटर्न स्टेटस करें ट्रैक, जानें स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीकाNFO Alert: ICICI PRU MF की 2 नई स्कीम लॉन्च, ₹500 से हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड में निवेश का मौकापश्चिम एशिया संकट की मार! भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती के संकेत: FICCI सर्वेOYO की पेरेंट कंपनी लाएगी ₹6,650 करोड़ का IPO; जानिए कमाई, कर्ज व प्रमोटर्स से जुड़े सभी जरूरी फैक्ट्सग्रिड संकट से किसे होगा फायदा? NTPC, Adani Power पर एंटीक की राययोगी सरकार में बदली यूपी की तस्वीर! MSME मंत्री ने बताया कैसे ‘बीमारू’ से बना विकास का मॉडलGSTAT में अपील दाखिल करने की तारीख बढ़ी, अब 31 जुलाई तक मिलेगा मौका

किराया घटने से घटेगी विमानन फर्मों की कमाई

Advertisement
Last Updated- December 09, 2022 | 4:29 PM IST

एटीएफ की कीमत में 33 फीसदी कम होने के बाद विमानन कंपनियों ने किराया घटाने की शुरुआत भी कर दी है। एटीएफ  की कीमत कम होने विमानन कंपनियों ने अपने किराये 25-30 फीसदी घटा दिए हैं।


पिछले साल सितंबर में जब एटीएफ की कीमतें उच्चतम स्तर पर थी, तक इन कंपनियों को रोजाना लगभग 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।

लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि किरायों में की जा रही कटौती के कारण कंपनियों को अब एटीएफ की कम कीमत का फायदा नहीं मिल पाएगा।

जेट एयरवेज पर जारी ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए की रिपोर्ट में कहा गया है कि एटीएफ की कीमत बढ़ने के कारण हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी घट गई थी। लेकिन किरायों में कमी की घोषणा होते ही यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किरायों में कटौती होने से ट्रैवल पोर्टल फर्मों के पास होने वाली बुकिंग में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। लेकिन देखना यह है कि यह तेजी कितने दिन तक बरकरार रहती है।

ट्रैवल पोर्टल मेकमाईट्रिप डॉट कॉम के मुख्य कार्याधिकारी केयूर जोशी ने कहा, ‘किराया घटाने के बाद दुनिया भर की विमान कंपनियां कारोबारियों से तत्काल टिकटों के लिए अधिक किराया लेती हैं। लेकिन  भारत में यह नहीं होता है।’

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि किराया घटने के बाद अब टिकटों की कीमत पिछले साल जनवरी वाले स्तर पर ही पहुंच गई है। पिछले एक साल में एटीएफ की कीमत एक तिहाई, कर्मचारियों की लागत 20 फीसदी और विमानों के किराए की लीज में 10-15 फीसदी की कमी आई है।

विमानन कंपनियों की कुल लागत में इन तीन चीजों की हिस्सेदारी 80 फीसदी होती है।

Advertisement
First Published - January 1, 2009 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement