facebookmetapixel
Advertisement
जुलाई में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, 23.66 बिलियन ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल पेमेंट ने भरी ऐतिहासिक उड़ानजुलाई में GST कलेक्शन में जोरदार उछाल, आयात-घरेलू मांग के दम पर ₹2.11 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ाDividend Stocks: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! अगले हफ्ते 98 कंपनियां बांटेगी डिविडेंड, ₹270 तक पाने का मौकाRBI की स्वैप स्कीम से बैंकों ने जुटाए 41 अरब डॉलर के विदेशी फंड, 2 महीने में टूटा 2013 का रिकॉर्ड1991 के सुधारों ने बदली ऑटो सेक्टर की तस्वीर: कैसे मुट्ठी भर कंपनियों से दुनिया का बड़ा हब बना भारत‘यूरिया के दाम स्थिर, DAP पर नजर जरूरी’, FAI अध्यक्ष एस. शंकरसुब्रमण्यन ने बताया फर्टिलाइजर सेक्टर का हालटाटा स्टील का दावा: दूसरी तिमाही में और सुधरेगा प्रदर्शन, एमडी टी. वी. नरेंद्रन ने बताया पूरा प्लान‘भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सुधार चाहिए’, जंतर-मंतर पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को PM मोदी ने किया माफकमर्शियल LPG सिलेंडर ₹200 से ज्यादा सस्ता, दिल्ली-कोलकाता में घटे दाम; होटल-रेस्तरां को बड़ी राहतब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंता

रूसी टीके पर काम कर रही डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 10:06 PM IST

हैदराबाद की प्रमुख दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज (डीआरएल) ने कहा है कि वह रूस में तैयार कोविड-19 का  संभावित टीका स्पूतनिक 5 बनाने के लिए भारत में साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि कोविड-19 की दवाओं अथवा टीके के वितरण के लिए अन्य वैश्विक एवं भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी के लिए उसका विकल्प खुला है।
डीआरएल के मुख्य कार्याधिकारी इरेज इजराइली ने कहा कि स्पूतनिक 5 के उत्पादन के लिए कंपनी अपनी भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रही है। हालांकि इजराइली ने साझेदारों के बारे में अधिक जानकारी देने से इनकार किया लेकिन उन्होंने कहा कि क्लीनिकल परीक्षण के आंकड़े अगले साल मार्च से पहले आने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, ‘दूसरे चरण के परीक्षण के आंकड़े मिल चुके हैं और तीसरे चरण के वैश्विक परीक्षणों के विश्लेषण से किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। लेकिन यह नियामक पर निर्भतर करता है कि वह क्या निर्णय लेगा। नियामकी की मंजूरी मिलने के बाद हम यह टीका लॉन्च कर देंगे।’
इस महीने की शुरुआत में साइबर हमले का सामना करने के बाद डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज फिलहाल अपने सभी ऐप्लिकेशन को बहाल करने और डेटा जुटाने में लगी है। सभी महत्त्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित तरीके से बहाल किया जा रहा है। जांच के दौरान अब तक डेटा चोरी का मामला सामने नहींं आया है। साइबर हमले के बाद कंपनी को अपने सभी संयंत्रों को बंद करना पड़ा था। कंपनी ने उसे एक रैंसमवेयर हमला करार दिया था। हैकरों की पहचान के बारे में कंपनी ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
इस बीच, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने यह भी संकेत दिया है कि अन्य संभावित टीकों (वितरण के लिए) और कोविड-19 की दवाओं से संबंधित साझेदारी के लिए उसके दरवाजे खुले हैं। कोविड-19 के उपचार के लिए कंपनी खुद कुछ जांच उपचारों पर काम कर रही है। उसे कैंसर की संभावित दवा (2-डेऑक्सी डी ग्लूकोज ओरल पाउडर अथवा 2-डीजी) के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के लिए मंजूरी मिल चुकी है ताकि यह देखा जा सके कि कोविड-19 रोगियों के लिए यह कितना कारगर हो सकता है।
डॉ रेड्डीज का शुद्ध लाभ घटा
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 30.22 फीसदी घटकर 762.3 करोड़ रुपये रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 1,092.5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि तिमाही के दौरान उसकी आय मामूली बढ़त के साथ 4,896.7 करोड़ रुपये हो गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 4,800.9 करोड़ रुपये रही थी। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के सह-चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जीवी प्रसाद ने कहा, ‘हमने सभी बाजारों में वृद्धि दर्ज की है। साथ ही हमारी उत्पादकता में भी सुधार हुआ है। हमारी शोध टीम कोविड-19 के कई संभावित उपचारों पर काम कर रही है।’ कंपनी को 22 अक्टूबर को सूचना सुरक्षा से संबंधित घटना का सामना करना पड़ा। कंपनी ने इसे रैन्समवेयर का हमला बताया था। साइबर हमले के बारे प्रसाद ने कहा कि अभी सभी समाधानों और डेटा की रिकवरी का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी महत्त्वपूर्ण परिचालन नियंत्रित तरीके से किए जा रहे हैं।

Advertisement
First Published - October 29, 2020 | 12:58 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement