रियल एस्टेट क्षेत्र की दिग्गज डीएलएफ ने चार अधिसूचित आईटी एवं आईटीईएस विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) से हाथ खींचने का फैसला किया है। कंपनी ने इन एसईजेड को वापस करने के लिए सरकार से संपर्क किया है।
डीएलएफ ने बीएसई को सूचित कर बताया कि कंपनी ने इन चार आईटी एवं आईटीईएस एसईजेड को गैर अधिसूचित करने को कहा है। नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने डीएलएफ को एसईजेड से हाथ खींचने की योजना के बारे में पूछा था जिस पर कंपनी ने नकदी संकट के कारण का स्पष्टीकरण दिया है।
एनएसई ने एक बयान में कहा है कि मीडिया में इस तरह की खबरें आई थीं कि डीएलएफ अपने नौ में से पांच आईटी-आईटीईएस एसईजेड को छोड़ने जा रही है। इस तरह की सूचनाओं के बाद हमने कंपनी से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा था जिससे बाजार को इसकी जानकारी मिल सके और निवेशकों का हित सुरक्षित रहे।
इससे पहले वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा था कि डीएलएफ के पास नौ अधिसूचित आईटी-आईटीईएस एसईजेड हैं और कंपनी इनमें से पांच से हाथ खींचने जा रही है। उन्होंने इसके लिए आवेदन कर दिया है और चुनावों के बाद इन पर विचार किया जाएगा।
रियल एस्टेट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि डीएलएफ और पार्श्वनाथ जैसी कंपनियों के लिए एसईजेड परियोजनाओं के लिए धन जुटाना कठिन हो रहा है। डीएलएफ ने इससे पहले मध्य दिल्ली में 40 एकड़ की आईटी एसईजेड परियोजना को सरेंडर कर दिया था।