सत्यम घोटाले के सामने आने के बाद हिंदुस्तानी निवेशक तो आज कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मुद्दे को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं, लेकिन कंपनियां इस बारे में लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहीं।
एक वैश्विक निवेश बैंकिग कंपनी का कहना है कि डीएलएफ और यूनिटेक सहित देश की दिग्गज रीयल एस्टेट कंपनियों में पारदर्शिता की भारी कमी है।
बैंकिंग कंपनी क्रेडिट सुइस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इनकी आय का एक मोटा हिस्सा इनसे जुड़े प्रमुख पक्षों के लेन-देन से आता है।
‘कॉर्पोरेट इंडिया’ नाम की रिपोर्ट के मुताबिक इन पक्षों का नेटवर्क सैकड़ों इकाइयां चलाते हैं, जिसमें कई संयुक्त उद्यम, साझीदारी फर्में और कंपनियां शामिल हैं।