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कर्ज से बजेगी 3जी की घंटी

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Last Updated- December 11, 2022 | 12:56 AM IST

तीसरी पीढ़ी की दूरसंचार सेवाएं और ब्रॉडबैंड परिचालन का विस्तार करने के लिए रकम जुटाने के लिए एक अदद मददगार की तलाश कर रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-एस्सार की खोज समाप्त हो गई है।
कंपनी को भारतीय स्टेट बैंक के रूप में एक मददगार मिल गया है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) कंपनी की विस्तार योजनाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ऋण देने के लिए तैयार हो गया है।
बैंक ने कंपनी को 5 साल के लिए ऋण दिया है। पहले दो साल के लिए इस ऋण की ब्याज दर 13.25 फीसदी रहेगी। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद से इस पर औसत पीएलआर की दर से ब्याज लिया जाएगा।
बैंकिंग सूत्रों ने बताया कि एसबीआई इस रकम में से लगभग 7,000 करोड़ रुपये दूसरे बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाएगा, जबकि 3,000 करोड़ रुपये अपने पास से ही देगा। पहले दो साल के लिए जिस ब्याज दर पर यह ऋण दिया जा रहा है वह एसबीआई की अधिकतम पीएलआर दर से 1 फीसदी अधिक है।
वोडाफोन एस्सार इसमें से 6,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने दूरसंचार तंत्र के विस्तार और उधारी चुकाने के लिए कर सकती है। हालांकि जब वोडाफोन-एस्सार से इस बारे में पूछा गया तो कंपनी के प्रवक्ता ने बताया, ‘हम बैंक से मिले इस ऋण का इस्तेमाल कई कारोबारी योजनाओं में करेंगे।’
इस दौरान कंपनी ने अपनी 6 सहायक कंपनियों की शेयर पूंजी की 51 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी है। इन कंपनियों के जरिए वोडाफोन को 85 फीसदी राजस्व और लगभग 92 फीसदी सब्सक्राइबर मिलते हैं। कंपनी ने 23 सर्किलों का लाइसेंस भी गिरवी रख रखा है।
एक बैंकर ने बताया कि मार्च 2008 में कंपनी पर लगभग 10,040 करोड़ रुपये का ऋण था। इसे अगर हालिया ऋण के साथ मिला दिया जाए तो कंपनी पर ऋण का आंकड़ा 20,040 करोड़ रुपये हो जाएगा।
मिली राहत
5 साल के लिए ऋण
पहले दो साल में ब्याज दर होगी 13.25 फीसदी
बाकी तीन साल में औसत पीएलआर से होगा ब्याज
दूसरे बैंकों और वित्तीय संस्थानों से एसबीआई जुटाएगा 7,000 करोड़ रु.
इस रकम होगा विस्तार, चुकाएगी पिछला उधार

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First Published - April 17, 2009 | 1:00 PM IST

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