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पेटीएम मॉल में डेटा सेंध फिरौती की मांग: रिपोर्ट

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:50 AM IST

साइबर सुरक्षा इंटेलिजेंस कंपनी साइबल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1 अरब डॉलर से अधिक की हैसियत रखने वाली कंपनी पेटीएम की ई-कॉमर्स इकाई पेटीएम मॉल के डेटा में सेंध लग गई और साइबर अपराध समूह ने इसके लिए फिरौती की मांग की है क्योंकि उसने इस प्लेटफॉर्म के पूरे डेटाबेस तक बिना किसी बाधा के अपनी पहुंच बना ली।
हैकर समूह जॉन विक को भी पेटीएम मॉल के डेटाबेस में सेंध के लिए जिम्मेदार कहा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘हमारे स्रोत द्वारा भेजे गए संदेशों के अनुसार अपराधियों ने दावा किया कि यह हैक पेटीएम मॉल में एक अंदरूनी सूत्र के कारण हुआ। हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन यह संभव है। मांगी गई फिरौती करीब 4,000 डॉलर के बराबर थी।’ साइबल ने सूत्रों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि अपराधी पेटीएम मॉल से फिरौती की रकम पाने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा, ‘इस स्तर पर हम इस बात से अनजान हैं कि फिरौती का भुगतान किया गया था।’
हालांकि पेटीएम ने कहा कि उसे जांच के दौरान डेटा में सेंध लगाए जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पेटीएम मॉल के एक प्रवक्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हम यह आश्वस्त कराना चाहते हैं कि सभी उपयोगकर्ता के साथ- साथ कंपनी का डेटा पूरी तरह से सुरक्षित है। हमने संभावित हैक और डेटा सेंध के दावों को नोट किया है और इसकी जांच भी की है लेकिन ये बिल्कुल झूठे हैं। आपकी उम्मीद के मुताबिक ही हम अपनी डेटा सुरक्षा में भारी निवेश करते हैं। हमारा एक बग बाउंटी प्रोग्राम भी है जिसके तहत हम किसी भी सुरक्षा जोखिमों के खुलासे पर पुरस्कृत करते हैं। हम सुरक्षा अनुसंधान समूह के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर काम करते हैं और सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों को सुरक्षित तरीके से हल करते हैं।’
जॉन विक एक कुख्यात हैकिंग समूह है जिसने भारत की कई कंपनियों में सेंध लगाई है और विभिन्न संगठनों से फिरौती भी ली है। इस समूह के ‘साउथ कोरिया’, ‘एचसीकेइंडिया’ जैसे अन्य उपनाम भी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समूह, कंपनियों या पीडि़तों की मदद की पेशकश करने की रणनीति भी अपनाता है ताकि उनकी समस्याएं दूर कर सके।
यह रिपोर्ट साइबल की इंडियाबुल्स समूह पर रैनसमवेयर हमले की सूचना के एक महीने बाद आई है और हैकर्स ने इसकी समूह कंपनियों के स्वामित्व वाले महत्त्वपूर्ण डेटा जैसे खाता लेनदेन विवरण, वाउचर, बैंक प्रबंधकों को भेजे गए पत्र की लीक करने के साथ ही और इसी तरह के डेटा सेंध की धमकी दी है। साइबल की ही एक रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में गुरुग्राम की ऑनलाइन कंपनी लाइमरोड के 12.9 लाख उपयोगकर्ताओं का डेटा लीक किया गया था। हालांकि कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया।

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First Published - August 30, 2020 | 10:49 PM IST

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