देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ वसंत कुंज और साकेत के अपने शॉपिंग मॉल में दुकान चलाने वालों को राहत दे सकती है।
मंदी की मार और ग्राहकों की बेरुखी झेल रहे इन दुकानदारों का कंपनी ने पिछले कुछ समय से किराया माफ किया हुआ है। मई में यह अवधि खत्म हो रही है लेकिन उम्मीद की जा रही है कंपनी तीन महीने के लिए और इन दुकानदारों का किराया माफ कर सकती है।
वसंतकुंज के डीएलएफ प्लेस और साकेत के डीएलएफ प्लेस में दुकानदारों का किराया माफ करने के मामले में कंपनी के प्रवक्ता ने फिलहाल तो कुछ नहीं कहा है लेकिन सोमवार तक जवाब देने की बात की है। इससे पहले शुक्रवार को कंपनी के अधिकारियों और दुकानदारों के बीच इस मामले में बातचीत भी हुई है।
कंपनी पर दबाव बनाने के लिए दुकानदारों ने दो हफ्ते तक दुकाने बंद भी रखीं जिससे इन मॉल्स की रही सही रौनक भी जाती रही। कंपनी द्वारा तीन महीने के लिए किराया माफ करने के संकेतों के बीच इन मॉल्स के दुकानदार और ज्यादा बड़ी मांग करने लगे हैं।
वसंत कुंज के डीएलएफ प्लेस के दुकानदारों की मांग है कि पहले साल का उनका किराया पूरी तरह माफ कर दिया जाए और दूसरे साल के किराये में 50 फीसदी की छूट मिलनी चाहिए। दूसरी ओर साकेत मॉल के दुकानदार पहले साल के किराये में 50 फीसदी और दूसरे साल के किराये में 25 फीसदी छूट देने की मांग कर रहे हैं।
नाम न छापने की शर्त पर डीएलएफ के एक अधिकारी कहते हैं, ‘मौजूदा मंदी के चलते अपने मॉल के दुकानदारों की दिक्कतें हमें भी नजर आ रही हैं लेकिन हम ऐसा भी कोई कदम नहीं उठा सकते जिससे भविष्य की हमारी कारोबारी संभावनाओं को नुकसान पहुंचे। रिटेलरों और कंपनी को किसी ऐस फॉर्मूले पर सहमत होना पड़ेगा जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो।’
डीएलएफ के ये दोनों मॉल को खुले हुए ज्यादा वक्त नहीं हुआ है इसलिए भी यहां ग्राहकों की बहुत चहल पहल नहीं है। डीएलएफ प्लेस वसंत कुंज के मॉल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मरुण मंगालानी कहते हैं, ‘अभी वसंत कुंज मॉल में 20 फीसदी जगह ही भरी हुई है और नये दुकानदार भी बहुत कम तादाद में आ रहे हैं। कम दुकानें होने से ग्राहक भी बहुत ज्यादा नहीं आते। इस तरह के हालात में हम तीसरे साल से ही पूरा किराया दे पाने की स्थिति में हैं।’
मंदी का इलाज
दुकानों में ग्राहक कम आने के कारण डीएलएफ 3 माह तक छोड़ सकती है किराया
वसंत कुंज और साकेत के डीएलएफ प्लेस में किराया माफी पर कंपनी चुप
डीएलएफ पहले ही कर चुकी है इस साल मई तक का किराया माफ
लेकिन दुकानदार कर रहे हैं और भी ज्यादा मांग