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आएंगे कोरोना कवच व कोरोना रक्षक

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Last Updated- December 15, 2022 | 7:50 AM IST

बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने मानक कोविड स्वास्थ्य योजना के लिए दिशानिर्देश तय कर दिए हैं। इसके लिए विगत एक महीने से उनकी ओर से बीमा कंपनियों को कई बार मसौदे के नियम भेजे गए थे। गैर-जीवन बीमाकर्ताओं जिनमें स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ता शामिल हैं, को 10 जुलाई से उपभोक्ताओं के लिए दो उत्पाद पेश करने हैं- कोविड स्टैंडर्ड हेल्थ पॉलिसी (कोरोना कवच) और कोविड स्टैंडर्ड बेनीफिट आधारित स्वास्थ्य पॉलिसी (कोरोना रक्षक)।
इससे पहले नियामक ने 15 जून से विशेष तौर पर कोविड-19 के लिए क्षतिपूर्ति आधारित उत्पाद लाने का विचार रखा था लेकिन बाद में मसौदे के दिशानिर्देश में संशोधन करते हुए बीमाकर्ताओं से 30 जून तक कोविड-19 के लिए इसके बजाय लाभ आधारित उत्पाद पेश करने के लिए कहा गया था। इसके बाद नियामक ने मसौदे में तीसरी बार संशोधन करते हुए बीमाकर्ताओं से एक की बजाय दो उत्पाद मुहैया कराने को कहा जिसमें एक लाभ आधारित हो और दूसरा क्षतिपूर्ति आधारित।
अंतिम दिशानिर्देश के तहत कोरोना कवच पॉलिसी आएगी जिसमें आधारभूत कवर होगा। यह कवर क्षतिपूर्ति आधार पर दिया जाएगा और एक वैकल्पिक कवर होगा जो लाभ के आधार पर मुहैया कराया जाएगा। क्षतिपूर्ति पॉलिसी में बीमित व्यक्ति में कोविड की पुष्टि होने पर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने के खर्चों को शामिल किया जाएगा। कमरे से संबंधित सभी खर्चे, लाने ले जाने का खर्च, नर्सिंग खर्च, टेलीमेडिसीन सहित मेडिकल परामर्श, पीपीई किट जैसे उपभोग्य वस्तुओं और गहन देखभाल इकाई को पॉलिसी के तहत कवर किया जाएगा।  
इसमें कोविड के उपचार के साथ ही सहरुग्णता के उपचार की लागत भी शामिल होगी जिसमें पहले से मौजूद सहरुग्णता शामिल है।   नियामक ने पॉलिसी में कमरे और आईसीयू की लागत की अधिकतम सीमा नहीं तय की है लेकिन एंबुलेंस के लिए अधिकतम 2,000 रुपये का कवर दिया जाएगा। बहरहाल, यदि बीमित व्यक्ति अधिकतम 14 दिन घर पर उपचार कराता है तो इसे भी बीमा उत्पाद में कवर किया जाएगा।

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First Published - June 29, 2020 | 12:39 AM IST

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