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कोल इंडिया की सभी सब्सिडियरी कंपनियां 2030 तक होंगी लिस्टेड, प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिया निर्देश

बता दें कि कोल इंडिया अपनी आठ अनुषंगी कंपनियों के माध्यम से परिचालन करती है

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भाषा   
Last Updated- December 28, 2025 | 10:45 PM IST

कॉरपोरेट प्रशासन और जवाबदेही में सुधार के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सभी अनुषंगी कंपनियों को 2030 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराए। सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

इस कदम का मकसद सीआईएल में प्रशासन को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के जरिए मूल्य सृजन करना है। कोल इंडिया लिमिटेड देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। 

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों को 2030 तक सूचीबद्ध करने की योजना है। उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कंपनी के कामकाज को मजबूत बनाने के लिए यह निर्देश सीधे पीएमओ की ओर से दिया गया है। 

कोल इंडिया अपनी आठ अनुषंगी कंपनियों के माध्यम से परिचालन करती है, जिनमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड और सेंट्रल माइन प्लानिंग ऐंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड शामिल हैं।  

First Published : December 28, 2025 | 10:45 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)