कोविड-19 की दवा बना रहा चेन्नई का स्टार्टअप

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 7:53 PM IST

ऐसे समय में जब वैश्विक औषधि कंपनियां कोविड-19 के उपचार के लिए विभिन्न दवाओं पर काम कर रही है, चेन्नई का एक अनुसंधान इनक्यूबेशन केंद्र बायोनीमटेक इंडिया ने भी उस ओर कदम बढ़ाते हुए एक नई दवा विकसित कर रहा है। कंपनी का दावा है कि यह दवा रोगियों के शरीर में कोरोनावायरस को अपनी प्रतिकृति बनाने से रोक सकती है और इस प्रकार कोविड-19 को नियंत्रित किया जा सकता है।
यह स्टार्टअप एक ऐसे मॉलिक्यूल के विकास पर काम कर रहा है जिसमें एचआईवी-रोधी गुण मौजूद हैं और कोविड-19 भी उसी तरह की बीमारी है। कंपनी ने इस बीमारी को ध्यान में रखते हुए मॉलिक्यूल के विकास पर काम शुरू कर दिया है।
कंपनी फिलहाल इस दवा का मॉलिक्यूलर डॉकिंग परीक्षण कर रही है। साथ ही वह एक समझौते के तहत अमेरिका की एक प्रयोगशाला में उसका परीक्षण करने की योजना बना रही है। हालांकि शुरूआत में इस नई दवा का इस वायरस पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं दिखा लेकिन जब उसमें कुछ बदलाव किए गए तो वह काफी प्रभावी हो गया। उसी आधार पर कंपनी ने इस मॉलिक्यूल को डिजाइन किया है और भारतीय पेटेंट कार्यालय में पेटेंट के लिए आवेदन किया है।
बायोनीमटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सलाहकार मगेन्द्रन बालाचारी ने कहा, ‘प्रारंभिक अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि यह दवा कोविड-19 के खिलाफ सक्रिय है। हमने पेटेंट के लिए आवेदन किया है और अब हम इस अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए रकम जुटाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। हमें करीब 30 से 40 यौगिक विकसित करना होगा और प्रयोगशाला में उसका परीक्षण करते हुए विश्लेषण को आगे बढ़ाना होगा।’ हालांकि किसी यौगिक को दवा के तौर पर विकसित करने में करीब 10 वर्ष लग जाते हें लेकिन मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए कंपनी ने उम्मीद जताई है कि वह तीन साल में इस दवा को तैयार कर लेगी।
कंपनी ने रकम के लिए भारत सरकार के जैस प्रौद्योगिकी विभाग के पास आवेदन किया है ताकि इस परियोजना को अगले चरण तक पहुंचाया जा सके।

First Published : June 10, 2020 | 11:45 PM IST