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Anil Ambani की कंपनी RCom पर सीबीआई का शिकंजा, ₹2,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज

राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री ने बताया था कि 13 जून को RBI के फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट नियम और एसबीआई की बोर्ड-स्वीकृत पॉलिसी के तहत इन संस्थाओं को 'फ्रॉड' घोषित किया गया था।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- August 23, 2025 | 1:30 PM IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और उसके प्रवर्तक निदेशक अनिल अंबानी (Anil Ambani) के खिलाफ ₹2,000 करोड़ से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को सीबीआई ने आरकॉम और अंबानी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली।

सूत्रों के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 24 जून 2025 को आरबीआई को इस मामले को ‘फ्रॉड’ के तौर पर रिपोर्ट किया था। बैंक का आरकॉम पर फंड-बेस्ड बकाया ₹2,227.64 करोड़ और नॉन-फंड-बेस्ड बैंक गारंटी ₹786.52 करोड़ है।

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आरकॉम वर्तमान में कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है। इस प्रक्रिया के तहत ऋणदाताओं की समिति ने 6 मार्च 2020 को समाधान योजना को मंजूरी दी थी और इसे मुंबई की राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में दाखिल किया गया था। हालांकि, मंजूरी अभी लंबित है।

इसके साथ ही एसबीआई ने अनिल अंबानी के खिलाफ पर्सनल इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया भी शुरू की है, जो एनसीएलटी मुंबई में विचाराधीन है।

दरअसल, एसबीआई ने 10 नवंबर 2020 को खाते को ‘फ्रॉड’ घोषित किया था और 5 जनवरी 2021 को सीबीआई से शिकायत की थी। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के ‘स्टेटस क्वो’ आदेश के चलते शिकायत वापस कर दी गई।

बाद में, 27 मार्च 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि किसी खाते को धोखाधड़ी घोषित करने से पहले उधारकर्ता को जवाब देने का अवसर दिया जाना चाहिए। इसके चलते बैंक ने 2 सितंबर 2023 को धोखाधड़ी का दर्जा वापस लिया।

हालांकि, प्रक्रिया को दोबारा पूरा करने के बाद 15 जुलाई 2024 के आरबीआई सर्कुलर के तहत खाते को फिर से ‘फ्रॉड’ घोषित कर दिया गया।

First Published : August 23, 2025 | 1:17 PM IST