facebookmetapixel
Advertisement
Sugar Price: मॉनसून की मार से चीनी महंगी, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और आगे क्या होगा?कच्चे तेल की कीमतें घटीं, फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों? हरदीप पुरी ने बताई वजहInvesco Mutual Fund ने SIF सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया समिट इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड; क्या है इसमें खास?India-EU FTA: 10-12 दिन में पूरी होगी कानूनी समीक्षा, गोयल बोले- साल के अंत तक होगी डील30 चुनिंदा मिडकैप शेयरों में निवेश का मौका, 17 जुलाई तक खुला रहेगा MOMF का नया इंडेक्स फंडMirae Asset MF ने उतारे 2 नए मिडकैप फंड, ₹5,000 से निवेश शुरू; प्राइस मोमेंटम वाले शेयरों पर फोकसविदेशी फंड्स में लौटी निवेशकों की दिलचस्पी, 40% रिटर्न और ₹7,600 करोड़ के इनफ्लो ने बदला ट्रेंडSBI Mutual Fund का IPO अगले हफ्ते आ सकता है, ₹11,400 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टModi-Takaichi बैठक में बड़ा फैसला! AI, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस में भारत-जापान मिलकर करेंगे कामRed Bull से Monster तक कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक दावों पर भेजा नोटिस

मंदी के दौर में भी तेजी से चढ़ता जा रहा है कैस्ट्रॉल का मुनाफा

Advertisement
Last Updated- December 09, 2022 | 11:47 PM IST

वाहन और औद्योगिक ल्यूब्रीकेंट का विनिर्माण करने वाली कैस्ट्रॉल इंडिया का 31 दिसंबर को खत्म हुए वर्ष में शुध्द मुनाफा 20 फीसदी बढ़कर 262.3 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि 2007 में उसका शुध्द मुनाफा 218.4 करोड़ रुपये का था। कैस्ट्रॉल इंडिया की समीक्षाधीन वित्त वर्ष में कुल बिक्री बढ़कर 2,205.7 करोड़ रुपये हो गई, जो पूर्व वित्त वर्ष में 1,888.3 करोड़ रुपये थी।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कैस्ट्रॉल इंडिया का शुध्द मुनाफा 20 फीसदी घटकर 47 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसका शुध्द मुनाफा 58.8 करोड़ रुपये था। हालांकि कैस्ट्रॉल इंडिया ने वित्त वर्ष 2007-08 के लिए 9 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश घोषित किया है।
स्पाइस जेट ने भरी घाटे की उड़ान
किफायती विमानन सेवाएं मुहैया कराने वाली स्पाइस जेट को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में 17.9 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा। कंपनी ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में उसको 9.38 करोड़ रुपये का शुध्द मुनाफा हुआ था।
स्पाइट जेट की समीक्षाधीन तिमाही में कुल आय बढ़कर 528 करोड़ रुपये हो गई, जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 439.3 करोड़ रुपये थी। इसी तरह 31 दिसंबर को समाप्त 9 महीनों में कंपनी का शुध्द घाटा बढ़कर 344. 73 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पूर्व वर्ष की समान अवधि में उसका शुध्द घाटा 9.89 करोड़ रुपये था। इस बीच, स्पाइस जेट  ने की ओर से कहा गया कि विल्बर रॉश को कंपनी में निदेशक बनाया गया है।
एंपी डिस्टिलियरिज का मुनाफा घटा
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में चेन्नई स्थित एंपी डिस्टिलियरिज लिमिटेड का मुनाफा 15 फीसदी घटकर 3.58 करोड़ रुपये रह गया है। पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 4.24 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी के मुताबिक, कच्चे माल की कीमत और खर्चे बढ़ने की वजह से कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि इस अवधि में कंपनी की आय 22 फीसदी बढ़कर 212 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी की आय 173 करोड़ रुपये थी।
गोकलदास एक्स. को भी झटका
बेंगलुरु स्थित गॉरमेंट निर्यातक कंपनी गोकलदास एक्सपोट्र्स को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 15 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 17 करोड़ रुपये था।
कंपनी का कहना है कि वैश्विक मंदी की वजह से मांग घटने के कारण कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं इस दौरान कंपनी की लागत भी काफी बढ़ गई है। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी को 20 करोड़ रुपये का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है।
फर्स्टसोर्स के मुनाफे में सेंध
भारत की प्रमुख बीपीओ कंपनियों में शुमार फर्स्टसोर्स सॉल्यूशन ने 31 दिसंबर 2008 को समाप्त तिमाही में 12 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 20 करोड़ से 40 फीसदी कम है। हालांकि कंपनी की आय में इस दौरान इजाफा दर्ज किया गया है।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की आय 447 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की आय 359 करोड़ रुपये से 19 फीसदी अधिक है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और प्रमुख कार्यकारी अधिकारी आनंद मुखर्जी ने कहा, ‘लागत मूल्य में इजाफा की वजह से शुद्ध मुनाफे में कमी आई है।
अगली तिमाही में बेहतर नतीजे आने का अनुमान है। कारोबारी माहौल हर दिन चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अमेरिकी मंदी का असर मात्र बीएफ एसआई क्षेत्र में ही नहीं हो रहा है, बल्कि हेल्थकेयर जैसा क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो रहा है, जो पहले इन बातों से अप्रभावित रहता था। अगले साल तक दूरसंचार क्षेत्र की प्रगति को लेकर हमलोग आशान्वित और सकारात्मक हैं, क्योंकि ग्राहकों की संख्या मे इजाफा होने की संभावना है।’
उत्तम गैल्वा को मुनाफा
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उत्तम गैल्वा स्टील्स की बिक्री 89 फीसदी बढ़कर 1,102. 50 करोड़ रुपये हो गई, जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 582.69 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में मात्रा के हिसाब से उसकी बिक्री 50 फीसदी बढ़ी है।
तीसरी तिमाही में उसका परिचालन मुनाफा भी बढ़कर 76.99 करोड़ रुपये हो गया, जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 71.75 करोड़ रुपये था। विज्ञप्ति में बताया गया है कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का उत्पादन 38 फीसदी बढ़कर 1.59 लाख टन हो गया, जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.15 लाख टन थी।
फायदे में सिम्प्लेक्स इन्फ्र्रा.
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सिम्प्लेक्स इन्फ्रा लिमिटेड को अच्छा मुनाफा हुआ है। इस दौरान कंपनी का कारोबार में 80 फीसदी का उछाल आया है और यह 1269 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की सामन अवधि में कंपनी की आय 707 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का कर पश्चात मुनाफा 25 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का कर बाद मुनाफा 22 करोड़ रुपये था।
इरा इन्फ्रा का शुध्द लाभ बढ़ा
इरा इन्फ्रा इंजीनियरिंग फर्म का तीसरी तिमाही में शुध्द लाभ बढ़कर 30.87 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 11.68 फीसदी ज्यादा है। कंपनी को पिछले साल की इसी तिमाही में 27.64 करोड़ रुपये का शुध्द लाभ हुआ था। आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 614.04 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 335.11 करोड़ रुपये थी।  

Advertisement
First Published - February 3, 2009 | 11:07 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement