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कार्नेशन ने थामा वैराइटी का दामन

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:35 PM IST

मारुति सुजुकी के पूर्व प्रबंध निदेशक जगदीश खट्टर की कंपनी कार्नेशन ने आंध्र प्रदेश में मल्टी ब्रांड ऑटो सॉल्यूशन हब बनाने के वास्ते वैराइटी समूह का दामन थामने का फैसला किया है।
ये दोनों कंपनियों इसके लिए एक संयुक्त उद्यम स्थापित करेंगी। इस संयुक्त उद्यम में 51 फीसदी हिस्सेदारी कार्नेशन की होगी, जबकि बाकी पर वेराइटी का कब्जा होगा। हैदराबाद स्थित यह कंपनी आंध्र में 10 ऑटो सॉल्यूशन हब बनाने पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इसमें से चार हब तो हैदराबाद में ही बनाए जाएंगे। इस समझौते पर खट्टर और वेराइटी समूह के संस्थापक के. सत्य रेड्डी ने हस्ताक्षर कर इसे अमली जामा पहनाया। इस मौके पर खट्टर ने कहा कि कार्नेशन ऑटो हब में सर्विस, मेंटेनेंस, पुरानी कारों की बिक्री, बीमा और कार के उपकरण एक ही छत के नीचे ग्राहकों को मुहैया करवाई जाएगी।
उनके मुताबिक बाद में यहां नई कारों को भी बेचा जाएगा। कंपनी ने उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और महाराष्ट्र की कई कंपनियों के साथ समझौता कर रखा है। उनका कहना था कि, ‘सड़क पर मौजूद कारों की तादाद 2012 तक 1.1 करोड़ से बढ़कर 1.5 करोड़ हो जाएगी। ऐसे में थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडरों के लिए विकास की काफी संभावनाएं हैं। पारंपरिक तौर पर भी ज्यादातर कार मालिक वारंटी के खत्म हो जाने के बाद अपनी कार को ऑटो कंपनियों के शोरूम्स में ले जाना बंद कर देते हैं।’
गौरतलब है कि खट्टर की कंपनी में प्रेमजीइन्वेस्ट ने भी 80 करोड़ रुपये का निवेश किया है। कार्नेशन ने 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से देश भर में 100 ऑउटलेट्स को खोलने का इरादा किया है। इसका एक हिस्सा संयुक्त उद्यम के हिस्सेदारों की तरफ से आएगा, जबकि कंपनी तीसरे साल से इसमें पैसा लगाना शुरू करेगी।
कंपनी ने अपनी कार्यशील पूंजी और दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए 250 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा है। खट्टर के मुताबिक इस वक्त देश में 230 डीलर्स कम कमाई की वजह से अपनी दुकानों को बंद करने की राह पर हैं। कार्नेशन ने ऐसे ही तीन ऑउटलेट्स को खरीदा है। अब वह नए ऑउटलेट्स को भी खरीदने की कोशिश में है। कंपनी युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए उनके वास्ते ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की भी शुरुआत करेगी।
खट्टर का कहना है कि उनकी एक दूसरी कंपनी, कार्नेशन रियल्टी मंदी के इस दौर में काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। इस कंपनी को खास तौर पर कार्नेशन के नेटवर्क में इजाफा करने के वास्ते रियल एस्टेट खरीदने के लिए स्थापित किया गया था।

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First Published - April 7, 2009 | 9:49 PM IST

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