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काल्र्सबर्ग, सैबमिलर, यूबी ने बीयर कीमत के लिए की थीं साठगांठ

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:18 PM IST

कार्ल्‍सबर्ग, सैबमिलर और यूनाइटेड ब्रुअरीज (यूबी) ने भारत में बीयर की कीमतें निर्धारित करने के लिए सांठगांठ की थी। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की एक जांच रिपोर्ट से पता चला है कि इन कंपनियों ने भारतीय बाजार में बीयर की कीमतें तय करने के लिए 11 वर्षों तक वाणिज्यिक रूप से संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान किया।
सीसीआई ने 2018 में इन तीनों कंपनियों के दफ्तरों पर छापा मारा था और जांच शुरू की थी। जांच के दौरान जो खुलासा हुआ वह भले ही कुछ गलत किए जाने का अंतिम फैसला न हो लेकिन इससे इन ब्रुअरों के कामकाज के बारे में एक तस्वीर साफ हो जाती है जिनकी करीब 7 अरब डॉलर के भारतीय बीयर बाजार में 88 फीसदी हिस्सेदारी है।
सीसीआई के वरिष्ठ सदस्य अब इस रिपोर्ट पर गौर करेंगे जबकि इसका मसौदा मार्च में ही तैयार कर लिया गया था। इस मामले से अवगत दो सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ सदस्य जुर्माने की रकम निर्धारित करेंगे जो 25 करोड़ डॉलर तक हो सकती है। सीसीआई के सदस्य जांच टीम के नतीजों से सहमत हो सकते हैं अथवा वे कुछ सवाल भी खड़े कर सकते हैं।
रिपोर्ट में इन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत, व्हाट्सऐप मैसेज और ईमेल सामग्रियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों ने कई राज्यों में बीयर की कीमत बढ़ाने के लिए सांठगांठ कर राज्य सरकार के साथ सौदेबाजी की। सीसीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों ने साथ मिलकर साझा कीमत निर्धारित करने के लिए ऑल इंडिया ब्रुअर्स एसोसिएशन (एआईबीए) को साझा प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल किया। उसके बाद कंपनियों के बदले स्थानीय समूहों ने कीमत वृद्धि के लिए लॉबिइंग की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम तीन बार वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी योजनाओं को गुप्त रखने के लिए आपस में संदेशों का आदान-प्रदान किया। एआईबीए के महानिदेशक ने 2016 में इन तीनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के भेजे गए एक ई-मेल में कहा था, ‘हमें पकड़े जाने से सतर्क रहना चाहिए।’
सीसीआई की 248 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों कंपनियों ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया और वे भलीभांति जानते थे कि उनका यह गठबंधन प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन करता है। इस रिपोर्ट में वर्ष 2007 और अक्टूबर 2018 के बीच हुए साठगांठ का जिक्र किया गया है।
सीसीआई ने इस बाबत पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया। लॉबी ग्रुप एआईबीए और काल्र्सबर्ग ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया क्योंकि मामला फिलहाल सीसीआई के पास है। आइनकेन की हिस्सेदारी वाली कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज ने कहा कि उसने अधिकारियों की मदद की है और सीसीआई को अपनी एक प्रस्तुति सौंपेगी। इस बाबत पूछे जाने पर हाइनकेन ने टिप्पणी करने से इनकार किया।

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First Published - December 12, 2020 | 12:23 AM IST

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