देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की पूरे देश में वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा की पहल में अपेक्षित समय की तुलना में विलंब होने की संभावना है।
कंपनी उन निविदाओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है जिन्हें उसने देश के 16 सर्किलों में अपने ग्राहकों को मोबाइल वाइमैक्स मुहैया कराने के लिए प्रमुख फे्रंचाइजी से आमंत्रित किया था। इन निविदाओं के लिए बोली प्रक्रिया के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय की गई थी।
वाइमैक्स यानी वर्ल्डवाइड इंटरपरेबिलिटी फॉर माइक्रोवेव एक्सेस 75 एमबी प्रति सेकैंड की स्पीड तक बिना तार के डाटा ट्रांसमिशन मुहैया कराती है। अक्सर ‘फिक्स्ड वाइमैक्स’ के रूप में उल्लिखित किया जाने वाला 802.16डी भी मोबिलिटी के लिए सहायक नहीं है।
दूसरी तरफ 802.16ई मोबिलिटी के लिए सहायक है और इसलिए इसे ‘मोबाइल वाइमैक्स’ कहा जाता है। बीएसएनएल की वाइमैक्स आधारित ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लगभग 28 कंपनियां होड़ में शामिल हैं।
इनमें अल्काटेल-ल्यूसेंट इंडिया, मोटोरोला इंडिया, मोजर बेयर इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर, हुआवेई, एचसीएल इन्फोसिस्टम्स, इंटेल टेक्नोलॉजी इंडिय, लार्सन ऐंड टुब्रो, इन्फोटेक और टीसीआईएल जैसी कंपनियां प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन कंपनियों ने प्रत्येक सर्किल के लिए 10,400 रुपये की कीमत पर निविदा दस्तावेज खरीदे हैं।