भारत में गैस का भविष्य उज्ज्वल

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 7:56 PM IST

एलएनजी का कारोबार करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी शेल की भारतीय इकाई एलएनजी की हाजिर कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच देश में प्राकृतिक गैस कारोबार पर बड़ा दांव लगा रही है। शेल एनर्जी इंडिया के कंट्री हेड नकुल रहेजा ने शाइन जैकब से बातचीत में एलएनजी कारोबार और प्राकृतिक गैस के लिए भारतीय बाजार में अवसर आदि तमाम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परिवहन ईंधन के तौर पर एलएनजी के उपयोग के लिए कंपनी की आक्रामक योजनाओं के बारे में भी बताया। पेश हैं मुख्य अंश:
यूक्रेन संकट के बाद एलएनजी क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में क्या बदलाव दिख रहा है?
यूक्रेन में मानवता के लिहाज से फिलहाल काफी दुखद स्थिति है। आपने देखा होगा कि हमने एक कंपनी के तौर पर पिछले चार से छह सप्ताह के दौरान इस क्षेत्र में कई घोषणाएं की है। यूक्रेन में हमारे कर्मचारी मौजूद हैं और हमें उनकी सुरक्षा एवं कल्याण को लेकर चिंता है। हमने रूस से अपना निवेश समेटने के लिए सार्वजनिक तौर पर घोषणा की है। इतना ही नहीं बल्कि हमने रूस से आने वाली हाइड्रोकार्बन शृंखलाओं पर निर्भरता घटाने के लिहाज से भी कई घोषणाएं की है। यूरोप में करीब एक तिहाई गैस की आपूर्ति रूस से होती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आगे की स्थिति कैसी रहेगी, खासकर गैस क्षेत्र में।

क्या आपको लगता है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव से एलएनजी क्षेत्र में चिंता है?
किसी भी उत्पाद की कीमतें लगातार ऊंची रहने से ग्राहकों में भरोसा पैदा नहीं होता है। इस लिहाज से देखा जाय तो पिछले कई महीनों से एलएनजी की हाजिर कीमतों में तेजी बरकरार है। जाहिर तौर पर इससे बाजार में हमारे मौजूदा और संभावित ग्राहकों के बीच चिंता अवश्य दिख रही होगी। यह भी सही है कि हाजिर कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव है। दो साल पहले कीमत 2 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू थी जो अब बढ़कर 30 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गई है। साल 2020 में हमें हाजिर कीमतों में नरमी का काफी फायदा हुआ था। भारत में एलएनजी का भविष्य उज्ज्वल है। आपूर्ति के लिए पहले के मुकाबले अब कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए बाजार परिदृश्य पर उन सब का प्रभाव पड़ेगा। लंबी अवधि के लिहाज से एलएनजी की कीमतों में काफी कम उतार-चढ़ाव है।

देश की कुल ऊर्जा खपत में एलएनजी की हिस्सेदारी 15 फीसदी करने संबंधी भारत के लक्ष्य के बारे में आप क्या कहेंगे?
हमें भारत में गैस का भविष्य काफी उज्ज्वल दिख रहा है। नवीकरणीय भी काफी अच्छे ऊर्जा स्रोत हैं। भारत के अपने ऊर्जा संक्रमण और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संक्रमण के लिए मैं समझता हूं कि हम सब को सहयोग करना चाहिए। उम्मीद है कि हम 500 गीगावॉट के लक्ष्य को पार करेंगे। अक्षय ऊर्जा के लिए सबसे बड़ी चुनौती निरंतरता की है। हवा हमेशा तेज नहीं बहती है अथवा हमेशा तेज धूप नहीं निकलता है और न ही हमेशा पर्याप्त मात्रा में बारिश होती है। इसलिए बदलाव के दौर में एक प्रमुख चुनौती यह भी होगी कि आप ऊर्जा सुरक्षा के साथ उसका प्रबंधन किस प्रकार करते हैं। ऐसे में गैस की भूमिका काफी अहम हो सकती है।

भारत में परिवहन ईंधन के तौर पर एलएनजी को आप किस प्रकार देखते हैं?
हमें अगले 10 से 15 वर्षों के दौरानइस क्षेत्र में गैस की आपूर्ति में करीब 5 गुना वृद्धि दिखने की उम्मीद है। हैवी ड्यूटी श्रेणी में भी एक परिवहन ईंधन के तौर पर एलएनजी की प्रमुख भूमिका हो सकती है। भारत एक ऐसा बाजार है जहां यह एक व्यवहार्य कारोबार हो सकता है। यदि हम अपने वाहन कंपनियों को एलएनजी से चलने वाले ट्रक और बस बनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे तो इस क्षेत्र में गैस के लिए लंबे समय के लिए अवसर सृजित होगा। इससे 15 फीसदी के लक्ष्य को हासिल करने में काफी मदद मिलेगी।

First Published : April 13, 2022 | 11:31 PM IST