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Bolt.Earth 2027 में मुनाफे में आने की राह पर, EV चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के साथ IPO की तैयारी तेज

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कंपनी के सीईओ एस राघव भारद्वाज का दावा है कि यह मुनाफे में आने वाली पहली ईवी चार्जिंग नेटवर्क प्रदाता होगी

Last Updated- November 10, 2025 | 10:40 PM IST
Electric vehicle
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत में सबसे बड़ा ईवी चार्जिंग नेटवर्क मुहैया कराने वाली बेंगलूरु स्थित कंपनी बोल्ट डॉट अर्थ को उम्मीद है कि वह वित्त वर्ष 2027 में लाभ की स्थिति में आ जाएगी और 2027 या 2028 की शुरुआत में आईपीओ लाएगी। ईवी को अपनाने का चलन महानगरों से आगे बढ़कर टियर-2 और 3 शहरों में भी तेजी से बढ़ रहा है।

कंपनी के सीईओ एस राघव भारद्वाज का दावा है कि यह मुनाफे में आने वाली पहली ईवी चार्जिंग नेटवर्क प्रदाता होगी। 1800 शहरों और कस्बों (लक्षद्वीप सहित) में 1,00,000 से ज्यादा चार्जर लगाने के बाद कंपनी का लक्ष्य 2028 तक सालाना 10 लाख चार्जर लगाना है, क्योंकि यह विकास के अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगले साल के मध्य तक हम मुनाफे में आ जाएंगे और इससे हमें आईपीओ की तैयारी शुरू करने के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण मिलेगा है। हम और हमारे निवेशक, दोनों ही 2027 के आसपास या 2028 की शुरुआत में संभावित लिस्टिंग की उम्मीद कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर, पहले से ही सार्वजनिक ईवी चार्जिंग कंपनियां मौजूद हैं और मुझे लगता है कि भारत भी ईवी अपनाने के पैमाने के साथ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘आज, भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहन दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अभी भी वे बहुत ज्यादा नहीं हैं। एक बार जब हम उस बिंदु पर पहुंच जाएंगे, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या पेट्रोल वाहनों से अधिक हो जाएगी, तो बाजार रॉकेट की तरह तेजी से उड़ान भरेगा और तब चार्जिंग इकोसिस्टम वास्तव में फलेगा-फूलेगा। दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक स्तर पर हो रहे प्रयासों के बावजूद, मैंने अभी तक दुनिया में कहीं भी एक भी लाभदायक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग कंपनी नहीं देखी है। इस क्षेत्र में लाभप्रदता हासिल करना हमें एक खास स्थिति में रखता है।’

भारद्वाज ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व 50 लाख डॉलर रहने की संभावना है, जो अगले वित्त वर्ष में चार गुना बढ़कर 2 करोड़ डॉलर हो जाएगा। उनका कहना है कि निवेश पर बेहतर रिटर्न (आरओआई) और लाभप्रदता की राह का कारण इसका बिजनेस मॉडल है।

भारद्वाज का कहना है कि उनके नेटवर्क में उनकी औसत उपयोग दर लगभग 18-20 प्रतिशत है।

लगभग 60 प्रतिशत नए तिपहिया वाहन इलेक्ट्रिक हैं, जबकि दोपहिया वाहनों में ईवी की पहुंच 40 प्रतिशत तक हो गई है। लगभग 90-95 प्रतिशत चार्जिंग अब घरों, कार्यालयों और निजी स्थानों पर होती है। बोल्ट.अर्थ ने पहले दोपहिया और तिपहिया चार्जिंग पर ध्यान केंद्रित किया, फिर चार पहिया फास्ट चार्जिंग सेवा का विस्तार किया।

इसने हाल में उसने दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए बनाया गया ब्लेज डीसी फास्ट चार्जर लॉन्च किया है, जो सभी ओईएम और प्रोटोकॉल (टाइप 6, टाइप 7 चार्जिंग) पर काम करता है।

1 प्रतिशत प्रति मिनट की फास्ट चार्जिंग स्पीड के साथ एक वाहन 15 मिनट में 40-50 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। स्विगी, जेप्टो, रैपिडो जैसे फ्लीट ऑपरेटर इसके लक्षित क्षेत्र होंगे। भारद्वाज का कहना है कि ब्लेज डीसी चार्जर्स आगामी नेटवर्क का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होंगे।

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First Published - November 10, 2025 | 10:15 PM IST

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