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‘छोटे बिजनेस में तकनीक उपयोग बड़ा मौका’

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:48 AM IST

महामारी ने छोटे कारोबारियों को अपने ऑनलाइन स्टोर बनाने को मजबूर किया है, जिसे ई-कॉमर्स टेक्नोलॉजी प्रदाता शॉपीफाई एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है।
बॉम्बे स्वीट शॉल ने दक्षिण मुंबई में भायखला स्थित स्टोर और किचन को लेकर खुदरा कारोबार पर केंद्रित रणनीति बनाई। जब लॉकडाउन हुआ तो वह शॉपीफाई के पास पहुंची, जिसने उसे डिजिटल तरीके से बाजार में पहुंचने का एक प्लेटफॉर्म और अपने नियंत्रण वाली सेवा की सुविधा मुहैया कराई।
बॉम्बे स्वीट शॉप के  पार्टनर समीर सेठ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि शॉपीफाई ने स्टार्टअप ब्रांडों के माहौल को समझने की दिशा में बेहतर काम किया है।’
बॉम्बे स्वीट शॉप उन हजारों छोटे कारोबारियों में शामिल है, जिसने शॉपीफाई की तकनीक का इस्तेमाल ऑनलाइन स्टोर बनाने के लिए किया है। विश्लेषकों के मुताबिक शॉपीफाई भारत में संक्रमण के दौर में है क्योंकि देश में ऑनलाइन कॉमर्स को लेकर बाजार की संभावनाएं बढ़ रही हैं और यह 2028 तक 200 अरब डॉलर पहुंच जाने की संभावना है, जो 2018 तक 30 अरब डॉलर था।
कोविड-19 ने ई-कॉमर्स की ओर जाने की कवायद को रफ्तार दी है और इस दौरान ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ी है। 2020 के पहले 6 महीने में भारत में नए शॉपीफाई स्टोरों की संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 123 प्रतिशत बढ़ी है। प्रमुख शहरी केंद्रों व मझोले व छोटे बाजारों में छोटे कारोबारियों व उद्यमियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
शॉपीफाई में इंटरनैशनल रिलेशंस के निदेशक संदीप कुमारवेल्ली ने कहा, ‘चल रहे बदलाव को कोविड-19 ने गति दी है, जिससे परंपरागत रूप से कारोबार करने वाले लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग अपनाई है।’
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के पहले कुछ महीनों में ऑनलाइन किराना कारोबार तेजी से बढ़ा। एफएमसीजी, फैशन और परिधान भी प्रमुख श्रेणियों में शामिल है, उसके बाद कॉस्मेटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स का स्थान आता है। लॉकडाउन के कारण ग्राहकों ने आसपास की दुकानों से खरीद के विकल्प देखने शुरू कर दिए और स्वतंत्र कारोबार को समर्थन मिलने लगा।
एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे मार्केटप्लेस, जहां ग्राहक उत्पाद खरीदते हैं, के विपरीत कनाडा के ओट्टावा मुख्यालय वाली शॉपीफाई व्यापारियों को दिखने वाला सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है। यह भुगतान की सुविधा देता है, माल पहुंचाने की लागत की गणना करता है और मोबाइल ऐप्लीकेशन व ऑनलाइन स्टोरफ्रंट तैयार करता है। सितंबर 2019 में कंपनी की बाजार पूंजी 43 अरब डॉलर से बढ़कर सितंबर 2020 में 136 अरब डॉलर हो गई है।

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First Published - December 18, 2020 | 11:50 PM IST

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