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Bharat Forge की रफ्तार तेज, ट्रक मांग और रक्षा खर्च से शेयर ऑल टाइम हाई

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ट्रक डिमांड, कमर्शियल व्हीकल बिक्री और रक्षा क्षेत्र से मिले ऑर्डरों की वजह से भारत फोर्ज का शेयर तेजी से बढ़कर नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

Last Updated- March 09, 2026 | 10:31 AM IST
Bharat Forge
Representative Image

अपने प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में कई सकारात्मक कारकों ने वाहन कलपुर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारत फोर्ज के शेयर को शुक्रवार को नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा दिया। पिछले एक महीने में यह शेयर बीएसई-200 सूचकांक में सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाला शेयर रहा है। इस दौरान इसमें 24 फीसदी की वृद्धि हुई है।

इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका में भारी ट्रकों यानी क्लास-8 ट्रकों की मांग में सुधार, भारतीय बाजार में वाणिज्यिक वाहनों (सीवी) की मजबूत मांग, तेल और गैस क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते अवसर हैं। हालांकि, पिछले छह महीनों में करीब 68 फीसदी की तीव्र वृद्धि ने कंपनी के मूल्यांकन को प्रीमियम स्तर तक पहुंचा दिया है। मौजूदा कीमत पर कंपनी का शेयर वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित लाभ के करीब 46 गुना पर कारोबार कर रहा है।

हाल में आई इस उछाल का मुख्य कारण उत्तर अमेरिका के प्रमुख बाजार में भारी ट्रकों (क्लास 8) की बिक्री है। प्रारंभिक शुद्ध ऑर्डरों में मासिक आधार पर 47 फीसदी और सालाना आधार पर 159 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 47,200 यूनिट हो गई। यह पिछले साढ़े तीन वर्षों का उच्चतम स्तर है और लगातार तीसरे महीने ऑर्डर में करीब 20 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है।

हालांकि मांग का एक हिस्सा अभी भी वह है जो पहले से स्थगित रीप्लेसमेंट खरीद थीं और जो फिर से बाजार में आ रही हैं। लेकिन माल ढुलाई और परिवहन बाजार की डेटा प्रदाता एफटीआर का कहना है कि हाल की ऑर्डर गतिविधियों में स्थिरता और व्यापकता से पता चलता है कि यह गति तेजी से बेहतर हो रहे माल ढुलाई के फंडामेंटलों से आ रही है।

अमेरिका के अलावा दूसरे बाजारों में भी सुधार के संकेत दिख रहे हैं। इलारा सिक्योरिटीज का कहना है कि वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में हाल ही में कई कंपनियों के अनुमानों को बढ़ाया गया है, जिनमें वोल्वो शामिल है। इससे संकेत मिलता है कि मांग में आई गिरावट अब कम हो गई है और इसमें सुधार की शुरुआत हो चुकी है। वोल्वो ने यूरोप के लिए कैलेंडर वर्ष 26 के अपने वृद्धि अनुमान को 1.7 फीसदी से बढ़ाकर 2.9 फीसदी और उत्तर अमेरिका के लिए -5.7 फीसदी से बढ़ाकर 2.7 फीसदी कर दिया है। यूरोप और अमेरिका में महत्त्वपूर्ण उपस्थिति वाली अन्य भारतीय वाहन कलपुर्जा कंपनियों में वैश्विक यात्री वाहन उत्पादन की बढ़ोतरी में मंदी देखने वाली संवर्धन मदरसन और सीमित ऑर्गेनिक बढ़त से जूझ रही सोना बीएलडब्ल्यू प्रीसिजन फोर्जिंग्स  शामिल हैं जो चुनौतियों का सामना कर रही हैं। वहीं भारत फोर्ज को अनुकूल मांग का लाभ मिलता दिख रहा है।

कंपनी के लिए एक और संभावित उत्प्रेरक अमेरिका में शेल ऑयल और गैस के उत्पादन और खोज में उपयोग होने वाले घटकों की बढ़ती मांग है।

भारत फोर्ज के तेल और गैस क्षेत्र को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भी लाभ होने की संभावना है, क्योंकि शेल ड्रिलिंग तब आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो जाती है जब कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो जाती हैं। कच्चे तेल की कमजोर कीमतों और नरम मांग के कारण पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र के राजस्व में काफी गिरावट आई थी।

भारत में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रही है, जिसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती और बेहतर परिचालन आर्थिकी का सहारा मिला है। वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं ने फरवरी में बिक्री में सालाना आधार पर 22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। इसमें टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जिनकी बिक्री में 28 से 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। नोमूरा रिसर्च का कहना है कि माल ढुलाई दरों में वृद्धि और बेड़े के परिचालकों की आर्थिकी में सुधार से रीप्लेसमेंट मांग बनी हुई है, जिससे बिक्री में तेज़ी आ रही है। ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषक कपिल सिंह और सिद्धार्थ बेरा का कहना है कि सभी क्षेत्रों में अनुकूल कारकों के चलते मांग अभी भी अनुकूल बनी हुई है। ट्रक फ्रेट इंडेक्स में फरवरी में सालाना आधार पर 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो देश में वाणिज्यिक वाहनों के मजबूत उत्थान की संभावना दर्शाता है।

ऐक्सिस सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि रीप्लेसमेंट मांग में तेजी और अनुकूल आर्थिक हालात के कारण वित्त वर्ष 2026 में वाणिज्यिक वाहन कंपनियों के लिए उद्योग की वृद्धि एक अंक (उच्चस्तर) से लेकर दो अंकों (निचले स्तर) तक बनी रहेगी।

रक्षा क्षेत्र संभवतः कंपनी के लिए दीर्घकालिक वृद्धि का सबसे मजबूत चालक है। तीसरी तिमाही में हासिल करीब 2,390 करोड़ रुपये के ऑर्डर में से लगभग 77 फीसदी रक्षा क्षेत्र से आए। दिसंबर तक रक्षा क्षेत्र के ऑर्डर करीब 11,100 करोड़ रुपये के थे। कंपनी मानवरहित प्रणालियों और ड्रोन में भी नए अवसरों की तलाश कर रही है, जो पानी के भीतर और हवाई दोनों क्षेत्रों में काम करते हैं। ईरान के साथ चल रहा युद्ध और भारत व यूरोपीय संघ सहित दुनिया भर में रक्षा खर्च में इजाफा वैश्विक वृद्धि के अवसर खोल रहा है। भारत फोर्ज को वित्त वर्ष 2027 में रक्षा क्षेत्र से 30-40 फीसदी राजस्व बढ़ोतरी की उम्मीद है और वाहन कारोबार के अनुरूप मार्जिन में सुधार की आशा है। समय के साथ, रक्षा कारोबार से वाहन क्षेत्र जैसी लाभप्रदता की उम्मीद है, जिसमें कम पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं के कारण नियोजित पूंजी पर उच्च प्रतिफल प्राप्त होगा।

बेहतर संभावनाओं को देखते हुए मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 के आय अनुमानों में 8-10 प्रतिशत का इजाफा किया है। अनिकेत म्हात्रे की अगुआई वाले विश्लेषकों का अनुमान है कि भारत फोर्ज वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान शुद्ध लाभ में 31 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज करेगी। हालांकि, वे चेतावनी देते हैं कि शेयर में हाल में आई तेजी के बाद अधिकांश सकारात्मक कारक पहले ही बाजार में समाहित हो चुके हैं।

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First Published - March 9, 2026 | 10:29 AM IST

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