भारत की सबसे बड़ी बंदरगाह और परिवहन यूटिलिटी कंपनी अदाणी पोट्र्स ऐंड स्पेशल इकोनोमिक जोन (एपीएसईजेड) ने कहा है कि उसे बाजार नियामक सेबी से किसी तरह की जांच का सामना नहीं करना पड़ रहा है और अतीत में उनसे विशेष जानकारी अनुरोध के लिए संपूर्ण खुलासे किए गए हैं।
जून तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणाम की घोषणा के तुरंत बाद एपीएसईजेड के अधिकारियों ने निवेशकों को बताया कि समूह का कथित विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) इकाइयों से कुछ लेना-देना नहीं है और समूह संस्थापकों ने बार बार यह स्पष्ट किया है कि उनका मॉरिशस में स्थित इन एफपीआई से कोई संबंध नहीं है। अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों को सुरक्षित बनाने के प्रयास में एपीएसईजेड पहले ही पंजीयक और एनएसडीएल के साथ संपर्क कर चुका है और समान दिन यह पुष्टि की गई थी कि इन एफपीआई के इक्विटी खाते सील नहीं किए गए थे। एपीएसईजेड के अधिकारियों ने कहा कि उसके बाद 28 जुलाई को एनएसडीएल ने इसकी पुष्टि एपीएसईजेडका शेयर शुक्रवार को 710 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी द्वारा यह घोषणा किए जाने के बाद शेयर में तेजी आई है कि जून तिमाही में उसका समेकित राजस्व 99 प्रतिशत तक बढ़ा, जबकि एबिटा में 82 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। समान समय में, पूरे भारत के माल व्यवसाय में एपीएसईजेड की बाजार भागीदारी बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई और उसने 83 प्रतिशत की अपनी सर्वाधिक तिमाही बिक्री वृद्घि भी दर्ज की।
राजस्व खुफिया जांच निदेशालय की रिपोर्टों पर अधिकारियों का कहना है कि यह एपीएसईजेड के लिए लागू नहीं थी, भले ही एक समूह कंपनी अदाणी पावर का पांच साल पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बाद में संबद्घ अधिकारियों ने अदाणी पावर के पक्ष में आदेश पारित किया, जिसका विरोध किया गया और यह मामला अब विचाराधीन है।
म्यांमार परियोजना के बारे में एपीएसईजेड का कहना है कि ऑफिस ऑफ फॉरेन ऐसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) द्वारा जारी मंजूरी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया गया था, और अब बंदरगाह परिचालन के लिए सामान्य लाइसेंस के लिए ओएफएसी के समक्ष आवेदन किया गया है। इस बंदरगाह से स्थायी नौकरियां पैदा होने, व्यापार को बढ़ावा मिलने और भोजन, दवा और म्यांमारी लोगों के लिए कपड़ों आदि जैसे सामान की सुगम पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है। कंपनी ने यह भी कहा है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार-निरोधक दिशा-निर्देशों पर अमल के अलावा बंदरगाह में सभी संभावित भ्रष्टाचार से मुकाबले के मकसद से अनुपालन प्रक्रियाओं का भी ध्यान रखा जाएगा और सामान्य लाइसेंस जारी करते वक्त ओएफएसी के दिशा-निर्देशों और अनुपालन का पालन करना होगा।