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परिधान कंपनियों की मांग कुछ और हों प्रयास

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Last Updated- December 08, 2022 | 8:01 AM IST

बिक्री में कमी का सामना कर रहीं परिधान एवं साज-सज्जा की वस्तुओं कंपनियों के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सेनवैट) में 4 फीसदी की कटौती का फैसला मंदी के नजर राहत का झोंका माना जा रहा है ।


लेकिन इस कटौती का कंपनियों और उपभोक्ताओं को काफी कम फायदा मिलने की संभावना है। इस कटौती से पहले धागे पर यह शुल्क 12 और 14 फीसदी के बीच था जो अब घट कर 8 और 10 फीसदी के बीच रह गया है।

इसके अलावा टेक्स्टाइल अपग्रेडेशन फंड योजना के तहत टेक्स्टाइल क्षेत्र को आवंटित किए गए 14,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कोष से भी इस उद्योग के लाभान्वित होने की उम्मीद है। शुल्क में कटौती का पहला फायदा यह होगा कि इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी।

कुटॉन्स रिटेल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन डीपीएस कोहली ने कहा, ‘जैसे ही उत्पादन लागत में कमी आएगी, हम इसका फायदा उपभोक्ताओं को देंगे। लेकिन यह तुरंत नहीं होगा। हमें नए ऑर्डरों पर ही यह लाभ हासिल होगा, इसलिए हम अगले सत्र के दौरान कीमतों में कमी लाने में सक्षम हो सकेंगे।’

फैशन परिधान ब्रांड ‘लेट मे बे’ के निदेशक अंजनी सिंघानिया कहते हैं कि हमारे कारोबार पर इस कदम का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘कीमतों में कमी किए जाने से बिक्री को बढ़ाने में थोड़ी-बहुत मदद मिलेगी। लेकिन इससे हमें कीमतों में मामूली कटौती करने में मदद जरूर मिलेगी।

हमारा मानना है कि सरकार को कुछ और कदम उठा कर हमारी मदद करनी चाहिए ताकि हम अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ब्रांडों के साथ बने रह सकें।’

अर्न्स्ट ऐंड यंग के पार्टनर (रिटेल ऐंड कंज्यूमर प्रोडक्ट प्रैक्टिस) पिनाकीरंजन मिश्रा कहते हैं, ‘इससे कुछ हद तक कीमतें कम होंगी। इससे ब्रांडों के मुनाफा में इजाफा होगा। लेकिन मुझे इसे लेकर संदेह है कि इससे मांग पर भी किसी तरह का असर पड़ेगा। उदाहरण के लिए 1000 रुपये की शर्ट पर 50-100 रुपये की छूट से भला किया असर पड़ेगा? ‘

साज-सज्जा की वस्तुओं के सेगमेंट भी शुल्क में कटौती के कदम से बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद जता रहा है।

लिलीपुट (किड्सवियर) के उपाध्यक्ष कमल गुप्ता ने कहा, ‘हम इस कटौती को लेकर और अधिक जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि यह शुल्क कटौती जूतों और अन्य एक्सेसरीज पर लागू होती है तो हम कीमतों में 2-3 फीसदी तक की कमी करने में सक्षम होंगे।’

गीतांजलि जेम्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मेहुल चोकसी के मुताबिक छुट्टी, शादी और उपहार देने का मौसम नजदीक है, जिससे उत्पादन लागत काफी हद तक घटाने में मदद मिलेगी। हमने बिक्री बढ़ाने की कोशिश में उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने की योजना बनाई है।

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First Published - December 8, 2008 | 11:22 PM IST

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