कोटक महिंद्रा ने निर्णय लिया है कि वह निवेशकों की उसी बिरादरी में शामिल होगी, जिसने सुभिक्षा ट्रेडिंग सर्विसेज और ब्लू ग्रीन कंस्ट्रक्शन ऐंड इन्वेस्टमेंट के बीच रिवर्स विलय को लेकर आपत्ति दर्ज की है।
सुभिक्षा में बैंक की 40 करोड़ रुपये बतौर कार्यशील पूंजी लगी हुई है। कंपनी ने गुरुवार को मद्रास उच्च न्यायालय में आपत्ति दाखिल की है। बैंक ने न्यायालय से यह आग्रह किया था कि कंपनी एक्ट की धारा 450 के तहत एक पीएल नियुक्त किया जाए, जो सुभिक्षा के परिसंपत्तियों की जांच करे।