देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय से अनुरोध किया है कि उसकी 9 में से 4 आईटी और आईटी आधारित सेवाओं के एसईजेड को गैर-अधिसूचित कर दे।
हालांकि, यह तय नहीं है कि किन एसईजेड परियोजनाओं को गैर-अधिसूचित किया जाने का अनुरोध किया गया है। यह जानकारी बीएसई को डीएलएफ ने दी है। डीएलएफ 1,000 करोड़ रुपये की इन्फोपार्क परियोजना से अपना हाथ खींचने का विचार कर रही है। इसे 54 एकड़ में विकसित किया जाना था।
उल्लेखनीय है कि यह कंपनी मौजूदा आर्थिक मंदी के चलते नगदी की गंभीर किल्लत से जूझ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, डीएलएफ और पार्श्वनाथ जैसी कंपनियां अपनी एसईजेड परियोजनाओं के लिए धन का जुगाड़ कर पाने में नाकाम हो रही हैं। इससे पहले पार्श्वनाथ ने भी अपनी 12 आईटी और आईटी आधारित एसईजेड परियोजनाओं को टाल दिया था।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने नकदी संकट के कारण कुछ एसईजेड से कथित तौर पर हाथ खींचने के बारे में डीएलएफ से जानकारी मांगी थी। एनएसई के मुताबिक, ”मीडिया में इस तरह की खबरें आई थीं कि डीएलएफ अपने 9 में से 4 आईटी आईटीईएस एसईजेड को छोड़ने जा रही है।