पटरी पर है अंबुजा सीमेंट की क्षमता विस्तार की योजना

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:06 AM IST

भारत में उत्पादन क्षमता में इजाफा और बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की अंबुजा सीमेंट की महत्वाकांक्षी योजना है। राजस्थान के मारवाड़ मुंडवा में उसके आगामी संयंत्र से क्लिंकर की क्षमता 30 लाख टन सालाना हो जाएगी और इससे सीमेंट की बिक्री 50 लाख टन सालाना करने में मदद मिलेगी। यह क्षमता विस्तार की दीर्घावधि रणनीति में योगदान करेगा।
कुल 2,350 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाला यह संयंत्र 2021 की तीसरी तिमाही में चालू हो जाएगा। अंबुजा इसके अलावा भाटपाड़ा और मराठा संयंत्रों के विस्तार का भी आकलन कर रही है। बढ़त की योजना मध्यम अवधि में क्रियान्वित की जाएगी ताकि सीमेंट की क्षमता 50 लाख टन तक पहुंच जाए।
आज आयोजित अंबुजा सीमेंट के 38वें सालाना आम बैठक में (वर्चुअल) कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक मार्टिन क्रेंगर ने बैठक की अध्यक्षता की और विस्तार का रोडमैप सामने रखा। वित्त वर्ष 20 में अंबुजा का परिचालन एबिटा 23 फीसदी बढ़कर 2,647 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि शुद्ध लाभ 17 फीसदी के इजाफे के साथ 1,790 करोड़ रुपये रहा। साल के लिए परिचालन एबिटा और शुद्ध लाभ मार्जिन क्रमश: 23.7 फीसदी व 16 फीसदी बढ़ा और एक साल पहले के मुकाबले उसमें 480 आधार अंक व 260 आधार अंकों की बढ़ोतरी हुई।
मजबूत प्रदर्शन लागत नियंत्रण के कदम व अन्य पहल के जरिए दर्ज हुआ। अंबुजा की बैलेंस शीट मजबूत है और उसमें कर्ज की स्थिति शून्य है और क्रिसिल ने एएए की रेटिंग दी है। साल के दौरान अंबुजा ने विशेष उत्पाद अंबुजा कवच पेश किया, जो वाटर रेपेलेंट सीमेंट है और अन्य उत्पादों के मुकाबले कार्बन फुटप्रिंट में 33 फीसदी की कमी लाता है। इसके विशेष उत्पाद ने 2020 में 16 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और अब कुल वॉल्यूम में उसका योगदान 11 फीसदी है।
इस बीच, अंबुजा सीमेंट की वैश्विक पैरेंट लाफार्जहोल्सिम ने नेट जीरो कंपनी बनने की प्रतिबद्धता जताई है और अपने लिए सीमेंट उद्योग में सबसे ज्यादा महत्वाकांक्षी क्लाइमेट टार्गेट तय किया है।

First Published : April 10, 2021 | 12:09 AM IST