वोडाफोन आइडिया के बाद भारती एयरटेल ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) संबंधित बकाया के भुगतान के लिए चार वर्ष की मोहलत का विकल्प चुना है।
भारती एयरटेल ने भुगतान मोहलत का विकल्प चुनने की अपनी इच्छा से अवगत कराया है। कंपनी ने राहत पैकेज के तहत इसकी घोषणा की थी। यह पता चला है कि पिछले सप्ताह कंपनी द्वारा दूरसंचार विभाग को स्वीकृति पत्र भेजा गया था।
भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने पिछले महीने कहा था कि कंपनी भुगतान मोरेटोरियम का विकल्प चुनेगी और नेटवर्क विस्तार पर नकदी प्रवाह का इस्तेमाल करेगी।
भुगतान मोहलत पर बकाया ब्याज के संबंध में मित्तल ने कहा था कि एयरटेल सरकार से पेशकश के बाद इस बारे में निर्णय लेगी।
पिछले सप्ताह वोडाफोन आइडिया ने कहा था कि उसके बोर्ड ने अक्टूबर 2021 से सितंबर 2025 तक के चार वर्ष के मोरेटोरियम को चुना है।
सरकार ने बकाया स्पेक्ट्रम नीलामी किश्तों का भुगतान चार साल तक टालने का विकल्प दिया था, जिसमें स्पेक्ट्रम नीलामी 2021 के लिए बकाया किश्तें शामिल नहीं थीं। यह विकल्प वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लागू है।
टाले गए ये भुगतान मौजूदा समय अवधि में वृद्घि के बगैर समान किश्तों में चुकाए जाएंगे।
हालांकि स्पेक्ट्रम नीलामी के वर्ष में तय ब्याज वसूला जाएगा जिससे कि भुगतान योग्य राशि की नेट प्रजेंट वैल्यू (एनपीवी) को सुरक्षित रखा जा सके।
सरकार ने हाल में दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत पैकेज स्वीकृत किया है, जिसमें कंपनियों को बकाया चुकाने के लिए चार साल की राहत, स्पेक्टश्म साझा करने की अनुमति, कर संबंधित राजस्व की परिभाषा में बदलाव शामिल हैं। वोडाफोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों को राहत मुहैया कराने के उपायों में आगामी स्पेक्ट्रम नीलामियों में अधिग्रहीत स्पेक्ट्रम के लिए स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (एसयूसी) को रद्द करना भी शामिल है।
पिछले बकाया के लिए सरकार ने सालाना भुगतान को चार वर्षों तक टाले जाने की अनुमति दी है। लेकिन दूरसंचार कंपनियों को मोहलत की इस अवधि के दौरान ब्याज चुकाना हागा।