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अदाणी समूह की होगी मायल

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:07 AM IST

अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी समूह ने मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) में 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी कर ली है। मायल मुंबई में देश के दूसरे सबसे बड़े हवाईअड्डे का संचालन करती है। अदाणी समूह के पास पहले से ही छह हवाईअड्डों के परिचालन का अधिकार है और इस सौदे के साथ समूह जीएमआर के बाद देश की दूसरा सबसे बड़ा निजी हवाईअड्डा संचालक बन जाएगा। जीएमआर समूह दिल्ली और हैदराबाद हवाईअड्डों का संचालन करता है।
इस सौदे से अदाणी के स्वामित्व में निर्माणाधीन नवी मुंबई हवाईअड्डा भी आ जाएगा, जिसमें मायल की 74 फीसदी हिस्सेदारी है।
सूत्रों ने कहा कि सौदे के तहत अदाणी समूह जीवीके समूह की 50.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा। इस सौदे की घोषणा अगले हफ्ते हो सकती है। इसके साथ ही अदाणी समूह मायल के अल्पांश हिस्सेदार एयरपोट्र्स कंपनी ऑफ साउथ अफ्रीका (एसीएसए) और बिडवेस्ट की 23.5 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदेगा। एसीएसए के पास मायल में 13.5 फीसदी और बिडवेस्ट की 10 फीसदी हिस्सेदारी है।
उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अदाणी समूह इस सौदे के लिए करीब 15,000 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। घटानाक्रम के जानकार एक शख्स ने कहा कि दोनों समूहों के प्रवर्तकों जीवीके रेड्डी और गौतम अदाणी ने सौदे पर सैद्घांतिक सहमति जता दी है। इस सौदे से बिडवेस्ट और एसीएसए के साथ जीवीके का कानूनी विवाद भी खत्म हो जाएगा।
जीवीके और दो अल्पांश साझेदार पिछले साल से ही अदालत में मुकदमे और मध्यस्थता में लगे हैं। दोनों फर्में हवाईअड्डा उद्यम में अपनी हिस्सेदारी अदाणी समूह को बेचना चाहती हैं। जीवीके इन दोनों कंपनियों को हिस्सेदारी बेचने से रोकने के लिए अदालत पहुंच गई थी और पहले इनकार के अधिकार का हवाला दिया था। लेकिन कंपनी हिस्सेदारी खरीदने के लिए पैसे नहीं जुटा पाई।
मामले से जुड़े एक बैंकर ने कहा, ‘जीवीके समूह पर मायल के कर्ज भुगतान को लेकर ऋणदाताओं का खासा दबाव था। बैंकों को चिंंता थी कि प्रवर्तक फर्म की वित्तीय स्थिति खराब है और कोरोना के कारण हवाईअड्डा कारोबार प्रभावित होने से कर्ज के भुगतान में मुश्किल आ सकती थी। ऐसे में यह सौदा सभी के लिए अच्छा है।’ उन्होंने कहा कि मायल में जीवीके की पूरी हिस्सेदारी एचडीएफसी बैंक और येस बैंक के पास गिरवी है। इस सौदे से मिलने वाली रकम से समूह कर्ज अदा कर सकता है जो करीब 6,000 करोड़ रुपये का है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने पिछले हफ्ते मायल के डेट इंस्ट्रूमेंट की रेटिंग घटा दी थी।
मामले के जानकार सूत्र ने कहा कि जीवीके समूह ने अक्टूबर 2019 में अबूधाबी इन्वेस्टमेंट, कनाडा के पब्लिक सेक्टर पेंशन इन्वेस्टमेंट बोर्ड और एनआईआईएफ के साथ 7,614 करोड़ रुपये नकदी जुटाने के लिए करार किया था लेकिन प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर बात नहीं बनी। एक बैंकर ने कहा, ‘अदाणी के पास नवी मुंबई हवाईअड्डा परियोजना जाने से इसके जल्द पूरा होनेे की संभावना बढ़ गई है।’

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First Published - August 23, 2020 | 10:41 PM IST

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