Adani Group ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में कुछ दिन पहले ढह गई निर्माणधीन सिल्कयारा टनल (Silkyara Tunnel Collapse) के साथ ग्रुप का जोड़े जाने को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है।
गौतम अडाणी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले ग्रुप ने सोमवार को बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उसका या समूह की किसी भी कंपनी का सिल्कयारा टनल के निर्माण से कोई लेना-देना नहीं है। करीब दो सप्ताह पहले बीच में से ढह गई सिल्कयारा टनल में 41 मजूदर फंसे हुए हैं।
टनल का निर्माण कर रही कंपनी के साथ जोड़ा जा रहा था अडाणी ग्रुप का नाम
बता दें कि सोशल मिडिया पर इस तरह की खबरें थी कि टनल का निर्माण कर रही कंपनी को अडाणी ग्रुप ने कुछ साल पहले खरीद लिया था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि उसका टनल का निर्माण कर रही कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।
हैदराबाद की नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी कर रही सुरंग का निर्माण
आपको बता दें सिल्कयारा टनल केंद्र की मोदी सरकार की हर मौसम में चार धाम यात्रा तक पहुंच परियोजना का हिस्सा है। हैदराबाद की नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड सुरंग का निर्माण कर रही है।
अडाणी ग्रुप ने कहा, “हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ तत्व ग्रुप को उत्तराखंड में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से ढह गई टनल के निर्माण के साथ जोड़ने का ‘नापाक’ प्रयास कर रहे हैं। हम इन प्रयासों और उनके पीछे के लोगों की कड़ी निंदा करते हैं।”
हमारी प्रार्थनाएं फंसे हुए श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ: अडाणी ग्रुप
कंपनी ने कहा, “हम स्पष्ट करते हैं कि अडाणी ग्रुप या उसकी किसी सहायक कंपनी की सुरंग के निर्माण में किसी भी प्रकार से डायरेक्ट या इनडायरेक्ट भागीदारी नहीं है। हम यह भी स्पष्ट करते हैं कि सुरंग के निर्माण में शामिल कंपनी में हमारा कोई शेयर नहीं है। इस समय हमारी प्रार्थनाएं फंसे हुए श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ हैं।”
बता दें कि आज सुबह आज पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर टनल का निर्माण अडाणी ग्रुप (Adani Group) के साथ जोड़ा था। उन्होंने एक्स पर ट्वीट किया, “यह उत्तराखंड सुरंग किस निजी कंपनी द्वारा बनाई गई थी? जब पतन हुआ तो इसके शेयरधारक कौन थे? क्या उनमें से एक अडानी ग्रुप था? मैं बस पूछ रहा हूं और कोई मतलब नहीं है।”