अदाणी ग्रीन ने जुटाए 1.35 अरब डॉलर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:52 AM IST

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने आज 1.35 अरब डॉलर का कर्ज अपनी निर्माणाधीन अक्षय ऊर्जा परिसंपत्ति वाली पोर्टफोलियो के लिए जुटाया। कंपनी ने एक बयान में कहा, रिवॉल्विंग प्रोजेक्ट फाइनैंस फैसिलिटी के तहत शुरू में 1.69 गीगावॉट वाली सौर व पवन ऊर्जा परियोजनाएं का वित्त पोषण होगा, जिसकी स्थापना राजस्थान में होनी है।
करार के मुताबिक, 12 अंतरराष्ट्रीय बैंकों स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, इंटेसा साउपाउलो एसपीए, एमयूएफजी बैंक, सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन, कोऑपरेटिव राबोबैंक यूए, डीबीएस बैंक लिमिटेड, मिजोहो बैंक लिमिटेड, बीएनपी पारिबा, बार्कलेज बैंक पीएलसी, डॉयचे बैंक एजी, सीमंस बैंक जीएमबीएच और आईएनजी बैंक एनवी ने ऐसी सुविधा देने पर प्रतिबद्धता जताई है, जो भारत में पहला प्रमाणीकृत ग्रीन हाइब्रिड प्रोजेक्ट लोन होगा। नकदी के इस नए कोष से अदाणी ग्रीन की रणनीति मजबूत हो जाएगी और वह पूरी तरह से अपनी निर्माणाधीन परिसंपत्तियों के लिए फंड दे पाएगी और साल 2025 तक 25 गीगावॉट की क्षमता हासिल करने के लिहाज से भी यह अच्छी है।
अदाणी ग्रीन की पूंजी प्रबंधन योजना में यह सुविधा अहम है और बढ़त की अपनी आकांक्षाओं के लिहाज से पूरी तरह से फंडिंग के लिए भी। यह करार सहमति वाले सिद्धांतों व प्रक्रियाओं का वित्तीय ढांचा तय करता है, जिसके तहत अदाणी ग्रीन भविष्य की अपनी परियोजनाओं के लिए सक्षमता व तेजी से रकम जुटाने के लिए अपने देनदारों के साथ जुड़ी रहेगी।
अदाणी ग्रीन के मुख्य कार्याधिकारी विनीत जैन ने कहा, अक्षय ऊर्जा में क्रियान्वयन की हमारी रणनीति को यह वैधता प्रदान करता है। हम सस्ती ग्रीन इलेक्ट्रॉन के उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे बड़ी कंपनी बनने की अदाणी ग्रीन के दृष्टिकोण के लिहाज से फंडिंग संसाधन को विशाखित करना काफी अहम है। इस रणनीतिक लेनदेन के लिए जिन बैंकों ने प्रतिबद्धता जताई है वे हमारे अहम साझेदार हैं, जिससे हमारी अक्षय ऊर्जा परिसंपत्तियों के लिए वैश्विक पूंजी तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

First Published : March 19, 2021 | 12:23 AM IST