पिछली गर्मी में एयरकंडीशनरों का बाजार काफी मंद रहने के बावजूद कंपनियों ने इस बारी की गर्मी में एयरकंडीशनरों के कई नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर ली है।
बात चाहे एलजी की हो या सैमसंग, गोदरेज की हो या वोल्टास की, सभी एयरकंडीशनरों का व्यापक रेंज बाजार में उतारने जा रही हैं। उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, कंपनियां इस बार बेहतर फीचर और डिजाइन वाले ऊर्जा किफायती मॉडल बाजार में उतारने जा रही है।
मजेदार बात है कि इनकी कीमत पिछले साल के स्तर पर ही रहने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों पर इन कंपनियों की नजर है। कंज्यूमर डयूरेबल्स के एक विशेषज्ञ ने बताया, ”पिछले साल जहां ऊर्जा किफायती स्टार अंकित मॉडलों की शुरुआत हुई थी, वहीं 2009 में ज्यादा स्टार वाले एयरकंडीशनरों की पेशकश होने वाली है।”
मालूम हो कि पिछले साल देश में एयरकंडीशनरों की बिक्री विशेषकर उत्तरी भारत में काफी प्रभावित हुई थी, जबकि देश में इसकी कुल बिक्री में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी की है। पिछले साल 4,000 करोड़ रुपये के करीब 20 लाख एयरकंडीशनर देश भर में बेचे गए थे।
तब अनुमान था कि बाजार 25 से 30 फीसदी की दर से बढ़ेगा पर वास्तविक वृद्धि महज 10 से 12 फीसदी ही रही। इस बार, लागत नीचे आने और हाल में सेनवैट में 4 फीसदी की कटौती के बाद कंपनियों ने एसी के नए मॉडल की कीमत पिछले साल जितना ही रखने का फैसला किया है। उम्मीद है कि इससे बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विश्लेषकों के मुताबिक, एसी बाजार की अनुमानित विकास को देखते हुए कंपनियों ने इसके निर्माण में तेजी ला दी है, जिससे एयरकंडीशनरों का उत्पादन बढ़ गया है। ऐसे में कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की उम्मीद है। इस साल, हालांकि कंपनियों ने अपने गोदाम में कम माल रखने का निश्चय किया है।
हायर के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रणय ढाबाही ने बताया, ‘इस बार अन्य कंपनियों की तरह हम भी उधारी अवधि को और नहीं बढ़ाएंगे।’ गोदरेज अप्लायंसेज के सीओओ जॉर्ज मेंजेज ने कहा, ‘स्टार रेटिंग से उत्पाद का स्तर बढ़ा है। ऐसे में ये अन्य उत्पादों से थोड़े अलग हो गए हैं।
मंदी के मौजूदा दौर में ये मॉडल बिजली बिल घटाने में मददगार साबित होंगे।’ एलजी इलेक्ट्रानिक्स भी मानती है कि इस बार एयरकंडीशनर का बाजार छोटे शहरों में ही है। कंपनी के अजय बजाज के मुताबिक, इसकी वजह यह भी कि छोटे शहर इस मामले में अब संतुष्ट से हो गए हैं। लेकिन छोटे शहरों में एसी की उपलब्धता काफी कम है। कंपनी को उम्मीद है कि उसका विस्तृत नेटवर्क नए बाजार में एसी की बिक्री बढ़ाने में मदद करेगी।