वैश्विक महामारी कोविड-19 का भले की कारोबारी गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है, लेकिन इस दौरान नई कंपनियों के अस्तित्व में आने पर विराम नहीं लगा। आधिकारिक सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि देशबंदी होने के बाद से करीब 16,000 नई कंपनियां पंजीकृत हुई हैं।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘केंद्रीय पंजीकरण केंद्र इस अवधि के दौरान आधी क्षमता से काम करता रहा, यहां तक कि सप्ताहांत और छुट्टियों में भी कंपनियों के पंजीकरण के आवेदन आते रहे।’
पिछले साल की समान अवधि की तुलना में पंजीकरण गिरकर आधा रह गया है, लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है कि वैश्विक आर्थिक वातावरण को देखते हुए यह एक सकारात्मक प्रगति है।
कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स में पार्टनर अंकित सिंघी ने कहा, ‘अगर कोविड-19 के दौरान भी तमाम कंपनियों का पंजीकरण हुआ है तो यह बेहतर संकेत है। इनमें निश्चित रूप से तमाम सहायक कंपनियां होंगी या मौजूदा बाध्यताएं पूरी करने के लिए कंपनियों का गठन किया गया होगा। पीपीई किट्स, सैनिटाइजर, की मांग की वजह से भी तमाम नई कंपनियों का गठन हुआ है।’ इस साल अप्रैल में 3,209 कंपनियों का पंजीकरण हुआ, जबकि पिछले साल अप्रैल में 10,383 कंपनियों का पंजीकरण हुआ था। इनमें से 1,000 से ज्यादा का पंजीकरण सेवाओं के कारोबार की श्रेणी में, 500 से ज्यादा का पंजीकरण कम्युनिटी और व्यक्तिगत सेवा कंपनियों के रूप में हुआ है। वहीं करीब 700 कंपनियों का पंजीकरण विनिर्माण क्षेत्र के लिए और 500 से ज्यादा का पंजीकरण ट्रेडिंग बिजनेस के लिए हुआ है।
कंपनियों के पंजीकरण के मई और जून के आंकड़े अभी कंपनी मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी किए जाने हैं। औसतन करीब 10,000 कंपनियों का पंजीकरण पिछले साल हर महीने हुआ है। पिछले साल मई और जून महीने में क्रमश: 11,281 और 9,619 कंपनियों का पंजीकरण हुआ था।
आवेदनों को तेजी से निपटाने के लिए फरवरी में कंपनी मामलों के मंत्रालय की ओर से शुरू स्पाइस प्लस के तहत कंपनियों को अब एक बैंक खाता संख्या भी मिलता है। इससे ऑनलाइन फाइलिंग और रियल टाइम वैलिडेशन सुनिश्चित होता है।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने यह सुधार तब पेश किया था, जब कोविड-19 का संकट शुरू हो चुका था। हम कवायद कर रहे थे कि हम किस तरह से काम करेंगे, क्योंकि तमाम देशों ने लॉकडाउन के कदम उठाने शुरू कर दिए थे। हमने पंजीकरण केंद्रों पर 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम जारी रखने का फैसला किया, जिससे भारत में कारोबार शुरू करने में मदद मिल सके।’
सरकारी सूत्रों के मुताबिक 18,000 से ज्यादा कंपनियां स्पाइस प्लस फॉर्म पेश किए जाने के बाद से पंजीकृत हुई हैं। इस समय नई पंजीकृत कंपनियों को 5 बैंक खाता संख्या दे रहे हैैं, जिनमें बैंक आफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक , आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा और पंजाब नैशनल बैंक शामिल हैं। कंपनी मामलों का मंत्रालय भी सितंबर-अक्टूबर में उन कंपनियों के आंकड़े जारी करेगा, जो बंद पड़ गई हैं।