मर्क की दवा के लिए 13 को मंजूरी

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 10:33 PM IST

मर्क और रिजबैक बायोथेराप्यूटिक्स द्वारा विकसित ओरल एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर का विनिर्माण अब 13 भारतीय विनिर्माताओं द्वारा किया जाएगा। देश के दवा विनियामक ने कोविड-19 वाले वयस्क रोगियों तथा जिन्हें बीमारी और बढऩे का अधिक जोखिम है, के इलाज के लिए आपातकालीन स्थिति में सीमित उपयोग के वास्ते मंजूरी दे दी है।
इसके तुरंत बाद सिप्ला, हेटेरो, सन फार्मा, टॉरंट फार्मा, स्ट्राइड्स जैसी कंपनियों ने इस बात की घोषणा की है कि वे इस दवा की शुरुआत करने केलिए तैयार हैं, हालांकि कीमतों के बारे में खुलासा नहीं किया गया है।
मोलनुपिराविर की मंजूरी को खासा अहम माना जा रहा है। कोविड के उपचार के लिए यह मुंह से ली जाने वाली सस्ती दवा की पेशकश कर सकती है। रिजबैक बायोथेराप्यूटिक्स के साथ मिलकर मर्क द्वारा विकसित यह दवा वायरस के राइबोन्यूक्लिक एसिड पोलीमरेस नामक हिस्से को लक्ष्य बनाती है। ओमीक्रॉन स्वरूप में म्यूटेशन के बाद वायरस के इस हिस्से में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है।
यह दवा सार्स-कोवी-2 वायरस की प्रतिकृति को रोकती है और यह पहले से ही यूके एमएचआरए (4 नवंबर) तथा यूएसएफडीए (23 दिसंबर) द्वारा कोरोनावायरस की हल्के से मध्य स्तर की बीमारी के उपचार के लिए स्वीकृत है। इसकी उन वयस्कों के लिए अनुशंसा की गई है, जिन्हेंगंभीर बीमारी के विकास का जोखिम वाला कम से कम कोई एक कारक हो।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को देश में मोलनुपिराविर के विनिर्माण और विपणन के लिए 22 आवेदन प्राप्त हुए है, जिनमें से 13 ने दवा विनियामक को अपनी क्लीनिकल ​​परीक्षण रिपोर्ट सौंप दी है।
विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने सोमवार को अपनी बैठक में अधिक जोखिम वाले रोगियों के इलाज के लिए इस दवा के इस्तेमाल की सिफारिश की थी। 93 प्रतिशत से अधिक एसपीओ2 वाले वयस्क रोगियों के उपचार के लिए दिन में दो बार 800 मिलीग्राम खुराक की सिफारिश की गई है। यह उनके लिए भी है जिन्हें इस बीमारी के बढऩे का अधिक जोखिम है। इनमें अस्पताल में भर्ती होना या मृत्यु भी शामिल हैै।
हालांकि सीडीएससीओ ने यह भी सुझाव दिया है कि यह दवा केवल चिकित्सा विशेषज्ञों के पर्चे के तहत ही खुदरा विक्रेताओं द्वारा बेची जानी चाहिए। टोरेंट फार्मा, सन फार्मा, सिप्ला, हेटेरो, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज (डीआरएल) जैसी कंपनियों ने इस बात की घोषणा की कि वे जल्द ही भारत में इस दवा की शुुरुआत करेंगी। सन फार्मा ने कहा है कि उसका लक्ष्य एक सप्ताह के भीतर दवा उपलब्ध कराना है। सन फार्म के मुख्य कार्याधिकारी (भारतीय कारोबार) कीर्ति गणोरकर ने कहा कि कोविड-19 के उपचार के लिए नई दवाओं तक पहुंच में तेजी लाने के अपने निरंतर प्रयासों के अनुरूप हम मरीजों को सस्ती कीमत पर मोल्क्सविर उपलब्ध कराएंगे। हम पूरे भारत में डॉक्टरों और मरीजों को मोल्क्सविर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की प्रक्रिया में हैं। हमारा प्रयास है कि यह उत्पाद एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध हो जाए।

First Published : December 29, 2021 | 12:26 AM IST