facebookmetapixel
Advertisement
EPFO Update: शादी के बाद भूलकर भी न करें ये गलती, EPF के पैसे मिलने में हो सकती है बड़ी दिक्कतAdani Green Share Price: बैटरी स्टोरेज पर बड़ा दांव, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; आगे क्यों दिख रही दमदार ग्रोथ?अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर 200% टैरिफ! भारतीय फार्मा कंपनियों पर कितना असर?Post Office New Rules: राखी भेजने से पहले जान लें ये जरूरी अपडेट, 1 अगस्त से India Post में लागू होंगे नए नियम₹9,000 करोड़ की जमीन, ₹2,000 करोड़ सालाना किराया… Lodha पर दो बड़े ब्रोकरेज बुलिश, टारगेट ₹1,430 तकHUL Share Price: कमजोर तिमाही नतीजों के बाद HUL के शेयर 5% तक लुढ़के; मुनाफा उम्मीद से रहा कमकोरम पर अनिश्चितता के बीच टाटा संस ने 18 अगस्त को बुलाई AGM, चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के भविष्य पर भी रहेगी नजरGold, Silver Price Today: फेड की बैठक से पहले सोना 4,100 डॉलर और चांदी 60 डॉलर से नीचे, MCX पर भी फिसले भावबिना कमीशन और बिना गोदाम के कमाई कैसे करती है Meesho? समझिए पूरा बिजनेस मॉडलभारत में विदेशी डॉलर की बंपर एंट्री! RBI की FCNR-B योजना से $70 अरब तक जुटने की उम्मीद

Rupee vs Dollar: दो दिन की बढ़त थमी, डॉलर की नई मांग से रुपया फिसला

Advertisement

रुपया 95.27 प्रति डॉलर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ

Last Updated- June 11, 2026 | 11:52 PM IST
Rupee vs Dollar

गुरुवार को डॉलर की नई मांग के कारण दो दिन से रुपये में जारी बढ़त का सिलसिला थम गया। यह मांग खासकर फॉरवर्ड परिपक्वता से जुड़ी थी। डीलरों ने बताया कि तेल कंपनियों की डॉलर मांग ने भी रुपये पर दबाव डाला।

रुपया 95.27 प्रति डॉलर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर यील्ड 2 आधार अंक घटकर 6.92 फीसदी पर आ गई क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया कदमों के बाद विदेशी निवेश की उम्मीदों को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल बना, जिससे डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ा।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, दो दिन की बढ़त के बाद भारतीय रुपया कमजोर हुआ। इसकी वजह फॉरवर्ड परिपक्वता के कारण डॉलर की नई मांग और सुरक्षित ठिकाने में निवेश के चलते डॉलर इंडेक्स में रिकवरी थी।

परमार के अनुसार, हाल के सत्र में डॉलर-रुपये की जोड़ी को 95.80 प्रति डॉलर के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, अगर यह 95.80 के स्तर को मजबूती से पार कर लेती है तो इससे तेजी से शॉर्ट कवरिंग और आक्रामक हेजिंग हो सकती है, जिससे यह 96.50 की ओर बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 94.70 प्रति डॉलर का स्तर मजबूत आधार बना हुआ है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार फॉरवर्ड मार्केट में आरबीआई की बकाया नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन पहली बार घट गईं। मार्च के आखिर में उसकी ये पोजीशन 103.06 अरब डॉलर थीं जो अप्रैल के आखिर में 95.30 अरब डॉलर रह गईं। 95 अरब डॉलर की नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन में से 13.52 अरब डॉलर एक महीने के कॉन्ट्रैक्ट में, 10.90 अरब डॉलर 1-3 महीने की अवधि में, 20.15 अरब डॉलर की पोजीशन तीन महीने से एक साल के बीच परिपक्व होने वाली थी और बाकी 50 अरब डॉलर एक साल से ज्यादा समय के कॉन्ट्रैक्ट में थे। बाजार के प्रतिभागियों ने बताया कि आरबीआई ने दिन के दौरान डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।

फिनरेक्स ट्रेज़री एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, आरबीआई ने शुरू में 95.65 प्रति डॉलर और बाद में 95.75 प्रति डॉलर के स्तर को बनाए रखा, जिससे यह 95.80 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे रहा।

Advertisement
First Published - June 11, 2026 | 11:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement