facebookmetapixel
Advertisement
₹9,000 करोड़ की जमीन, ₹2,000 करोड़ सालाना किराया… Lodha पर दो बड़े ब्रोकरेज बुलिश, टारगेट ₹1,430 तकHUL Share Price: कमजोर तिमाही नतीजों के बाद HUL के शेयर 5% तक लुढ़के; मुनाफा उम्मीद से रहा कमकोरम पर अनिश्चितता के बीच टाटा संस ने 18 अगस्त को बुलाई AGM, चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के भविष्य पर भी रहेगी नजरGold, Silver Price Today: फेड की बैठक से पहले सोना 4,100 डॉलर और चांदी 60 डॉलर से नीचे, MCX पर भी फिसले भावबिना कमीशन और बिना गोदाम के कमाई कैसे करती है Meesho? समझिए पूरा बिजनेस मॉडलभारत में विदेशी डॉलर की बंपर एंट्री! RBI की FCNR-B योजना से $70 अरब तक जुटने की उम्मीदICAR रिपोर्ट: खेती में वैज्ञानिक शोध बना गेमचेंजर, किसानों की आय बढ़ाने में निभाई सबसे बड़ी भूमिकाAI के दौर में 3-5 इंजीनियरों की छोटी टीम क्यों बना रही Mphasis? समझिए नया मॉडलक्रेडिट कार्ड ग्राहक अब कर्ज लेने के बजाय पूरा बिल चुका रहे हैं? SBI Cards के नतीजों से मिला बड़ा संकेतStock Market Update: उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स-निफ्टी की सुस्त चाल, केमिकल इंडेक्स 1% लुढ़का

खरीफ फसलों की बोआई में जोरदार सुधार: रकबा घटने का अंतर 5 फीसदी से नीचे आया, बारिश से मिली राहत

Advertisement

केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में 24 जुलाई तक खरीफ फसलों की कुल बोआई 4.72 फीसदी घटकर 787.4 लाख हेक्टेयर रही

Last Updated- July 27, 2026 | 10:52 PM IST
Kharif crops
प्रतीकात्मक तस्वीर

चालू खरीफ सीजन में इस महीने खरीफ फसलों की बोआई में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। खरीफ फसलों के रकबा में कमी घटकर 5 फीसदी से नीचे चली गई। इससे पहले वाले सप्ताह में यह कमी 6 फीसदी थी। बोआई सुधरने की वजह उत्पादक इलाकों में बारिश होना है। अब सभी की निगाहें अगस्त में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति पर होंगी, क्योंकि यही आगे की बोआई की दिशा तय करेगा और पहले से बोई जा चुकी फसलों की स्थिति भी इसी पर निर्भर करेगी।

केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में 24 जुलाई तक खरीफ फसलों की कुल बोआई 4.72 फीसदी घटकर 787.4 लाख हेक्टेयर रही। पहले यह कमी 6 फीसदी थी। खरीफ फसलों का रकबा सामान्य रकबा के 71 फीसदी के बराबर पहुंच गया है।

धान के रकबा में कमी और बढ़ गई है। 24 जुलाई तक धान का रकबा 2.57 फीसदी घटकर 234.43 लाख हेक्टेयर रह गया। 17 जुलाई तक यह कमी महज 0.85 फीसदी थी। 24 जुलाई तक कपास की बोआई 3.89 फीसदी घटकर 98.7 लाख हेक्टेयर रह गई। इस दौरान गन्ने का रकबा 1.50 फीसदी बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर
हो गया।

तिलहन फसलों की 24 जुलाई तक बोआई 2.77 फीसदी घटकर 154.62 लाख हेक्टेयर रही, पहले यह कमी में 5.54 फीसदी थी। सोयाबीन का रकबा करीब 3 फीसदी घटकर 113.65 लाख, मूंगफली का 1.42 फीसदी घटकर 40.20 लाख हेक्टेयर रह गया, वहीं दलहन फसलों का रकबा भी तेजी से सुधरा।

24 जुलाई तक दलहन फसलों की बोआई 7.54 फीसदी घटकर 84.57 लाख हेक्टेयर रही, जबकि 17 जुलाई तक यह कमी 15 फीसदी थी। अरहर का रकबा 11.63 फीसदी घटकर 31.17 लाख हेक्टेयर, मूंग का 5.28 फीसदी घटकर 26.89 लाख हेक्टेयर रह गया, वहीं उड़द का रकबा 8 फीसदी बढ़कर 18.67 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि 17 जुलाई तक इसमें 5.92 फीसदी कमी आई थी।

चालू खरीफ सीजन में मोटे अनाजों का रकबा 11.94 फीसदी घटकर 142.21 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। इन अनाजों में बाजरा की बोआई 14.71 फीसदी घटकर 49.54 लाख हेक्टेयर और मक्का की 9.70 फीसदी फीसदी घटकर 77.79 लाख हेक्टेयर रह गई। इस बीच, 23 जुलाई 2026 तक देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल स्तर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम रहा, लेकिन यह 10 वर्षों के औसत से अधिक था।

जलाशयों में पानी का स्तर उनकी पूर्ण जलाशय क्षमता का 38.37 फीसदी था, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 60.21 फीसदी से काफी कम है। हालांकि, यह 10 वर्षों के औसत 41.22 फीसदी के मुकाबले भी थोड़ा कम रहा।

Advertisement
First Published - July 27, 2026 | 10:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement