facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बावजूद नहीं रुकेगी ग्रेट निकोबार पोर्ट परियोजना, तय समय पर होगी पूरी: पोत परिवहन मंत्री सर्वानंद सोनोवालऑनलाइन बिकने वाले खाने-पीने के सामान पर एक्सपायरी डेट गायब, उपभोक्ता मामलों के विभाग में करें शिकायतअल नीनो और एथनॉल की बढ़ती मांग से चीनी उद्योग पर संकट, उत्पादन और निर्यात दोनों पर दबावEditorial: तेल की कीमतें घटीं, अब विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने पर जोररुपये की कमजोरी की जड़ें कहीं गहरी, सिर्फ तेल और पश्चिम एशिया संकट नहीं जिम्मेदारसफर के अनुभव: अमेरिका यात्रा और भारत को लेकर निकले निष्कर्षतेल कीमतों का सबसे बुरा दौर बीत चुका, भाव 80-90 डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद: जिम बर्कहार्डGold-Silver Price: डॉलर की तेजी और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद से सोने-चांदी में आई गिरावटसेबी का बड़ा प्रस्ताव: वित्तीय कंपनियों को मिलेगी सेलेब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति, विज्ञापन नियम होंगे आसानAI कंपनियों के लिए जोखिम ढांचा और नया कानून लाएगी सरकार, संसद में इस साल पेश हो सकता है विधेयक

जारी रहेगा तांबे में सुस्ती का आलम

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 5:44 AM IST

आधारभूत धातुओं के कारोबार और कीमत का रुख इस हफ्ते मिलाजुला रहने का अनुमान है।


दूसरी मुद्राओं की तुलना में डॉलर में मजबूती आने और अमेरिका व यूरोप से मांग के सीमित रहने से अनुमान लगाया जा रहा है कि इस हफ्ते की शुरुआत में तांबे में नरमी रहेगी। जबकि आगामी सीजन के मंद रहने से संभावना जतायी जा रही है कि भारत और चीन से भी तांबे की होने वाली मांग में कमी आएगी।

रेलीगेयर कमोडिटीज के कमोडिटी प्रमुख जयंत मांगलिक ने बताया कि चीन द्वारा जारी ताजा आंकडों के मुताबिक, शंघाई मेटल एक्सचेंज के भंडार में 12 फीसदी की कमी आयी है। हालांकि चीन ने यह नहीं बताया कि ऐसा देश में तांबे की खपत बढ़ने से हुआ है या निजी कंपनियों द्वारा इसकी खरीद होने की वजह से ऐसा हुआ है। इसलिए यह कहना बडा मुश्किल है कि चीन से होने वाली मांग की वजह से तांबे की कीमत में तेजी आएगी ही।

लंदन मेटल एक्सचेंज में पिछले हफ्ते इसकी कीमतों में 2 फीसदी की गिरावट आयी जबकि उससे पहले के सप्ताह में 0.8 फीसदी की वृद्धि हुई थी। न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज के कॉमैक्स डिवीजन के शुरुआती कारोबार में सितंबर डिलिवरी का वायदा सौदा 0.2 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 3.545 डॉलर प्रति पौंड तक पहुंच गया। इस तरह, इस साल तांबे में अब तक 17 फीसदी की मजबूती आ चुकी है हालांकि यूरो की तुलना में डॉलर 5 फीसदी तक लुढ़क चुका है।

तांबे के कारोबार में डॉलर का वर्चस्व माना जाता है। दूसरी मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने से दूसरे मुद्राधारकों के लिए तांबे की खरीदारी करना कम खर्चीला पड़ता है। पिछले हफ्ते तो शंघाई फ्चूचर्स एक्सचेंज नियंत्रित भंडार में 12 फीसदी की कमी आयी और यह 33,992 टन तक जा पहुंचा है। कार्वी कॉमट्रेड ब्रोकिंग के अशोक मित्तल ने अनुमान जताया है कि इस हफ्ते की आखिर में तांबे के भाव में कमी आएगी।

उनके मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक तांबे का समर्थन मूल्य 7750 से 7770 डॉलर के बीच जबकि रेजीस्टेंस लेवल 8200 डॉलर तक रहने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, कीमतों में हो रही गिरावट के जारी रहने से तांबे के कारोबारियों को इससे हो रही निराशा आगे भी जारी रहेगा। हालांकि  निकल में 3 से 5 फीसदी की मजबूती आने के अनुमान से कारोबारियों को पूरी उम्मीद है कि वह तांबे के कारोबार से हुए नुकसान की भरपायी करेगा।

फिलहाल निकल 24,100 डॉलर प्रति टन के भाव पर कारोबार कर रहा है और जल्द ही इसके 25,000 डॉलर को पार करने की उम्मीद की जा रही है। यदि ऐसा नहीं हो पाया तो भी यह 24,300 डॉलर प्रति टन तक तो पहुंच ही जाएगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में निकल का भाव 1,060 से 1,100 रुपये प्रति किलो के बीच चल रहा है।

अच्छी-खासी मांग रहने से इसकी कीमत के और भी चढ़ने की बात कही जा रही है। अपेक्षा से कम मांग रहने और लंदन मेटल एक्सचेंज में गिरावट आने से एमसीएक्स में सीसा का भाव घटकर 73 से 74 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच चले जाने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - June 16, 2008 | 1:54 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement