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सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं निर्यात पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटाई

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निर्यात नीति में बदलाव के बाद अब 2022 के बाद पहली बार गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों का बिना किसी रोक-टोक के निर्यात किया जा सकेंगा

Last Updated- August 24, 2026 | 7:56 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Wheat Export: केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और उससे बने कई उत्पादों की निर्यात पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने 2022 में गेहूं और गेहूं से बने उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए थे। देश में गेहूं का बेहतर उत्पादन होने के कारण इस साल के शुरुआत से ही गेहूं का निर्यात आंशिक रुप से खोला गया था।

मैदा, सूजी और आटे का भी होगा निर्यात

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी अधिसूचना में गेहूं निर्यात पर लगी रोक हटाने की जानकारी दी गई। केंद्र सरकार ने गेहूं की निर्यात नीति में बदलाव करते हुए गेहूं के निर्यात को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित की जगह मुक्त सूची में डाल दिया। 13 मई 2022 को गेहूं की निर्यात नीति को मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया गया था। इसके बाद उसी साल अगस्त में गेहूं के आटे के निर्यात पर भी प्रतिबंध लागू कर दिए गए। संशोधित नीति के तहत अब गेहूं या मेस्लिन आटा, मैदा, सूजी, होलमील आटा और मिश्रित गेंहू के आटा के निर्यात की अनुमति बिना किसी प्रतिबंध के होगी।

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चार साल बाद बिना रोक-टोक के होगा निर्यात

चार साल पहले रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण गेहूं की वैश्विक कीमतों में लगभग 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। भारत ने तब निर्यात बढ़ा दिया था जिससे घरेलू स्तर पर कीमत में भारी उछाल आई थी। मई 2022 में गेहूं के निर्यात पर रोक लगने के बाद निर्यातक आटा का निर्यात करने लगे। तब अप्रैल से जुलाई के दौरान आटे का निर्यात 200 फीसदी बढ़ गया था। इसे देखते हुए सरकार ने अगस्त में आटे और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। निर्यात नीति में बदलाव के बाद अब 2022 के बाद पहली बार गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों का बिना किसी रोक-टोक के निर्यात किया जा सकेंगा।

गेहूं का उत्पादन बढ़ा

इस साल फरवरी में सरकार ने बेहतर स्टॉक उपलब्धता का हवाला देते हुए 25 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं और अतिरिक्त 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी थी। मई में जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 2025-26 में 5.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 37.6563 करोड़ टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 35.7732 करोड़ टन था। फसलवार आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में चावल का उत्पादन 15.4024 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 15.0184 करोड़ टन से 38.4 लाख टन अधिक है। वहीं, गेहूं का उत्पादन 12.0657 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 11.7945 करोड़ टन की तुलना में 27.12 लाख टन अधिक है।

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First Published - August 24, 2026 | 7:56 PM IST

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