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बारिश की कमी से घट गया तिलहन का रकबा

Last Updated- December 07, 2022 | 2:47 PM IST

मानसूनी बारिश के असमान वितरण से तिलहन के रकबे में 1.65 फीसदी की कमी हुई है।


वनस्पति तेल उद्योग को नियंत्रित करने वाली शीर्ष संस्था सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआईटी) की एक ताजातरीन रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। देश में 1 अगस्त तक तिलहन की बुआई क्षेत्र के आंकड़े जारी करते हुए यह बात संगठन ने यह बात कही।

अपर्याप्त और असमान बारिश को रकबे में हुई कमी की मुख्य वजह मानने वाले सीओओआईटी ने रिपोर्ट में कहा कि देर से हुए बारिश से स्थितियों में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद है। इस बारिश से तिलहन की बुआई 10 दिनों के लिए बढ़ गयी है जिससे रकबे में हुई कमी की बहुत हद तक भरपाई होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सोयाबीन छोड़ लगभग सभी तिलहनों के  बुआई क्षेत्र में कमी हुई है। चाहे महाराष्ट्र हो या गुजरात या मध्य प्रदेश, हर जगह बारिश की कमी ने उत्पादन पर असर डाला है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सूरजमुखी और मूंगफली के रकबे में खासी कमी हो सकती है। वहीं सोयाबीन के उत्पादन क्षेत्र में इस बार 8.42 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होने का अनुमान है।

1 अगस्त तक मूंगफली के रकबे में पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी की कमी होने के आसार हैं। अनुमान है कि इस साल 41.27 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की जा रही है। सूरजमुखी के रकबे में सबसे अधिक 65 फीसदी की कमी होने की बात रिपोर्ट में कही गयी है। पिछले साल की तुलना में सोयाबीन के रकबे में इस साल 7 फीसदी की कमी होने का अनुमान है।

First Published - August 4, 2008 | 2:11 AM IST

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