facebookmetapixel
Advertisement
नोएल टाटा छोड़ेंगे ट्रेंट के चेयरमैन का पद, बोले- ‘यह मेरी आखिरी AGM’MFs से एक साल में जुड़े 3.94 करोड़ निवेशक; FY26 में फोलियो बढ़कर 27.39 करोड़; इक्विटी स्कीमें बनीं पहली पसंदअदाणी पावर अगले 5 साल में ₹2 लाख करोड़ से अधिक निवेश करेगी, 45 गीगावॉट कैपेसिटी का टारगेटसोना-चांदी में बड़ी गिरावट के संकेत, निवेश का सही मौका है या अभी करें इंतजार?अब हर महीने आएगा सर्विस सेक्टर का रिपोर्ट कार्ड, 14 जुलाई को जारी होगा पहला ISPS&P का अनुमान: FY27 में भारत की GDP ग्रोथ घटेगी, बढ़ेगी महंगाई दर; महंगे लोन के लिए रहे तैयारNFO: एक ही फंड में इक्विटी, डेट और गोल्ड का दम, JM Financial लेकर आया मल्टी एसेट एलोकेशन फंडCredit Card Tips: गलत क्रेडिट कार्ड चुनना पड़ सकता है महंगा, सालाना ₹2 लाख तक के फायदे से चूक रहे हैं कई ग्राहकTata Motors CV पर 46% तक रिटर्न की उम्मीद, जानिए किस ब्रोकरेज ने दिया सबसे बड़ा टारगेटदो साल से ठहरा बाजार, अब क्या निवेश बढ़ाने का समय? एडलवाइस ने बताई रणनीति

दाल व तेल आयात के लिए टेंडर जारी

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 12:41 AM IST

सरकारी स्वामित्व वाली ट्रेडिंग कंपनी पीईसी ने आयातित दालों और तेलों की बिक्री के लिए घरेलू कारोबारियों एवं कंपनियों से ठेके आमंत्रित किए हैं।


कंपनी के अनुसार, निविदा दालों के लिए ठेके 22 मई को बंद होंगे जबकि इस पर 29 मई को निर्णय लिया जाएगा। वहीं तेलों के ठेके 23 मई को बंद होंगे जबकि उसी दिन इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।

पीईसी ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि तुअर, लेमन तुअर, उड़द एफएक्यू, मूंग और चिक मटर दालों की बिक्री के लिए ठेके मंगाए गए हैं। कंपनी ने बताया कि तुअर दाल को मालावी, मोजांबिक और म्यांमार से खरीदा गया है, जबकि चिक मटर को आस्ट्रेलिया से मंगवाया गया है।

कंपनी के अनुसार, प्रत्येक उत्पाद के लिए व्यापारी न्यूनतम 400 टन के लिए बोली लगाएंगे। ये दालें मुंबई और चेन्नई के भंडारण गृह में पड़ी हुई हैं। उसके अनुसार, घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2007-08 में 15 लाख टन दालों का आयात किया था।

सार्वजनिक क्षेत्र की कारोबारी  एजेंसियों ने पिछले साल अप्रैल से इस साल 6 मई तक 14 लाख टन दाल का आयात किया है, जिसमें 90 हजार टन पीली मटर शामिल है। आयातित दालों की खेप में से लगभग 1.19 लाख टन दाल भारत पहुंच चुकी है और 1.05 लाख टन दाल को घरेलू बाजार में बेचा जा चुका है।

फर्म ने इसके अलावे खाद्य तेल की आपूर्ति मजबूत करने के लिए जून में सप्लाई होने वाले 24 हजार टन आरबीडी पामोलीन के लिए निविदाएं आमंत्रित की है। एक विज्ञप्ति में कंपनी ने बताया कि बोली 23 मई को बंद होगी और उसी दिन इस पर निर्णय कर लिया जाएगा।

सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों को खाद्य तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में वित्त वर्ष 2008-09 में राज्य की कारोबारी एजेंसियों एमएमटीसी, पीईसी, एसटीसी और नैफेड के जरिए 10 लाख टन खाद्य तेल का आयात करने के लिए निर्णय लिया है।

पिछले सप्ताह पीईसी ने कच्चा डिगम सोयाबीन तेल का आयात करने के लिए निविदा जारी की थी। इससे पहले एमएमटीसी और एसटीसी ने भी विदेशों से 44 हजार टन और 24 हजार टन खाद्य तेल आयात करने के लिए बोली आमंत्रित की थी। पीईसी के अनुसार, उसने आरबीडी पामोलीन को इंडोनेशिया एवं मलेशिया से खरीदने की योजना बनाई। स्टेट ट्रेडिंग कार्पोरेशन (एसटीसी) और नेशनल एग्रीकल्चर कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (नैफेड) अपने स्तर पर खाद्य तेल का आयात करेंगी।

ठेका की शर्तों के मुताबिक, बोलीदाता को 1 जून से 30 जून के बीच पूर्वी बंदरगाह के लिए 12 हजार टन आरबीडी पामोलीन जबकि पश्चिमी बंदरगाह के लिए 12 हजार टन की आपूर्ति कराना है। कंपनी ने बताया कि बोलीदाता समूची मात्रा के लिए बोली लगा सकती हैं, यही नहीं वे अतिरिक्त मात्रा के लिए भी बोली लगा सकते है।

Advertisement
First Published - May 20, 2008 | 1:35 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement