Summer Crop Sowing: इस साल ग्रीष्मकालीन फसलों की शुरुआती बोआई में सुस्ती देखने को मिल रही है। पिछले सप्ताह तक इन फसलों के रकबा में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि दलहन फसलों की बोआई पिछले साल से ज्यादा हुई है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 13 मार्च तक देश में ग्रीष्मकालीन फसलों का कुल रकबा 36.22 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, पिछली समान अवधि यह रकबा 37.25 लाख हेक्टेयर था। इस तरह इस साल 13 मार्च तक पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में 1.03 लाख हेक्टेयर यानी 2.77 फीसदी की कमी आई है। 2025 में ग्रीष्मकालीन फसलों का कुल रकबा 83.92 लाख हेक्टेयर था, जबकि इन फसलों का सामान्य रकबा 75.37 लाख हेक्टेयर है।
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ग्रीष्मकालीन फसलों की कुल बोआई में भले कमी देखने को मिल रही हो, लेकिन दलहन फसलों की बोआई में इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 13 मार्च तक इस ग्रीष्मकालीन सीजन में 2.25 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल इसी अवधि के रकबा 1.74 लाख हेक्टेयर से करीब 29 फीसदी ज्यादा है। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का रकबा करीब 21 फीसदी बढ़कर 1. 09 लाख हेक्टेयर और उड़द का रकबा करीब 39 फीसदी बढ़कर 0.50 लाख हेक्टेयर हो गया। 2025 में कुल दलहन क्षेत्रफल 27.07 लाख हेक्टेयर था। इनका सामान्य रकबा 23.40 लाख हेक्टेयर है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल 13 मार्च तक ग्रीष्मकालीन चावल की बोआई 1.22 लाख घटकर 26.75 लाख हेक्टेयर रह गई। श्रीअन्न व मोटे अनाज का रकबा 0.26 लाख हेक्टेयर यानी करीब 6 फीसदी घटकर 4.41 लाख हेक्टेयर रह गया। पिछले साल इस सीजन में 13 मार्च तक 3.13 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई गईं थी, जबकि इस साल इसी अवधि में 3.08 लाख हेक्टेयर में ये फसलें बोई गई हैं। इन फसलों का पिछले साल कुल रकबा 9.51 लाख हेक्टेयर था। वहीं तिलहन फसलों का इस सीजन में सामान्य रकबा 8.40 लाख हेक्टेयर है।