facebookmetapixel
Advertisement
केसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहसट्रंप का दावा: युद्ध खत्म करने के समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल हमले टलेयुवाओं पर पीएम मोदी का फोकस, नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत लाखों युवाओं को दिलाई नशा विरोधी शपथअमेरिका में दवा बनाने की जल्दी नहीं, टैरिफ के खतरे के बावजूद भारत में ही रहेगा कंपनियों का विनिर्माणउदारीकरण के 35 साल: 1991 में सेंसेक्स में थीं जो 30 कंपनियां, उनमें अब 7 ही बचीं; बेंचमार्क सूचकांक में आया बड़ा बदलावबिज़नेस स्टैंडर्ड सर्वेक्षण: रीपो दर में बदलाव के नहीं आसार, अगली बैठक में हो सकता है बड़ा फैसलानिवेश में जोरदार उछाल या आंकड़ों का भ्रम? 4 परमाणु परियोजनाओं ने बदल दी पूरी तस्वीर45% घटा हाईवे निर्माण, पश्चिम एशिया संकट और बिटुमन की कमी बनी बड़ी वजहनई ईपीएफ योजना में बदला कायदा क्या है नुकसान और क्या है फायदा?IT Funds: जुलाई की रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों ने निकाला पैसा, मुनाफावसूली या रणनीति में बदलाव

पश्चिम एशिया में शांति का असर! सोयाबीन के भाव फिसले, क्या ₹6,500 तक आएगी कीमत?

Advertisement

प​श्चिम ए​शिया तनाव कम होने से महीने भर में सोयाबीन की कीमतों में आई तेज गिरावट

Last Updated- June 26, 2026 | 12:53 PM IST
Soybean prices
गिर रहे हैं सोयाबीन के भाव

Soybean Prices Outlook: प​श्चिम ए​शिया संकट कम होने का असर सोयाबीन की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। बीते महीने में इसके भाव घटे हैं। सोयाबीन में अभी और गिरावट आ सकती है। पहले इस संकट के कारण इसके भाव काफी ऊपर चले गए थे और अब इस संकट के खत्म होने की उम्मीद में सोयाबीन के दाम लुढ़क रहे हैं। जानकारों की मानें तो शॉट टर्म में गिरावट नजर आ रही  है। लेकिन लॉंग टर्म में भाव सुधर भी सकते हैं। यह काफी हद तक मॉनसून की चाल पर निर्भर करेगा।

आगे क्या रहेगी सोयाबीन की चाल?

कमोडिटी एक्सपर्ट और एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल में रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल ने बताया कि इस समय इंदौर मंडी में सोयाबीन के भाव 6,800 रुपये और महाराष्ट्र की लातूर मंडी में भाव 7,200 रुपये हैं। आने वाले दिनों में इनके भाव में 200 से 300 रुपये की गिरावट आ सकती है। इंदौर में भाव 6,500 रुपये तक गिर सकते हैं। केडिया एडवाइजरी के मुताबिक सोयाबीन फिलहाल करेक्शन के दौर में है और इसके भाव घटकर 6,700 रुपये प्रति ​क्विंटल तक आ सकते हैं। 

हालांकि पॉल का कहना है कि यदि जुलाई–अगस्त के दौरान मॉनसून सामान्य से कमजोर रहता है और फसल को नुकसान की आशंका बढ़ती है तो सोयाबीन के दाम बढ़ भी सकते हैं। सोयाबीन की शुरुआती बोआई अभी धीमी गति से हो रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में 19 जून तक 1.30 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई हो चुकी है, पिछली समान अव​धि में यह आंकड़ा 2.50 लाख हेक्टेयर था। इसका सामान्य रकबा 128.71 लाख हेक्टेयर है।

Soybean Prices में क्यों आई गिरावट?

पॉल ने कहा कि सोयाबीन के दाम घटने की वजह प​श्चिम ए​शिया में शांति होने की संभावना है। पहले इस क्षेत्र में संकट के कारण ही भाव चढ़े थे। मॉनसून में प्रगति के कारण भी कीमतों में गिरावट को ​बल मिला है।  केडिया एडवाइजरी के अनुसार हालिया गिरावट मध्य पूर्व में तनाव घटने से क्रूड ऑयल सस्ता होने से भी आई है।

कितने बढ़ गए थे सोयाबीन के भाव?

प​श्चिम ए​शिया संकट के कारण सोयाबीन के भाव तेजी से चढ़ गए थे। पॉल ने बताया कि बीते एक महीने के दौरान  इंदौर में सोयाबीन के भाव 7,400 रुपये तक बढ़ गए थे, जबकि इस दौरान लातूर मंडी में भाव 7,680 रुपये प्रति ​क्विंटल तक चढ़ गए थे। संकट के दौरान सोयाबीन ने इंदौर में 19 मई को 7,587 रुपये और लातूर में 20 मई को 7,850 रुपये पर उच्च स्तर छू लिया था। 

 Soybean Prices ₹/क्विंटल में

मार्केट 26 मई  26 जून बदलाव 
इंदौर 7,460 6,800 -8.85%
लातूर 7,680 7,200 -6.25%

 

Advertisement
First Published - June 26, 2026 | 12:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement