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सोयाबीन के भाव और सुस्त पड़े, भाव 5000 रुपये से नीचे

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Last Updated- June 09, 2023 | 4:41 PM IST
Soybean prices

सोयाबीन की कीमतों में नरमी देखी जा रही है। महीने भर में सोयाबीन के भाव 300 रुपये से ज्यादा गिर चुके हैं। इसकी वजह मांग कमजोर पड़ना है।

कारोबारियों के मुताबिक आगे भी सोयाबीन की कीमतों में सुस्ती जारी रह सकता है। हालांकि मानसून में और देरी होने पर इसकी बोआई प्रभावित होने पर भाव सुधर भी सकते हैं।

सोयाबीन के भाव 5,000 रुपये से नीचे आए

सोयाबीन की बेंचमार्क मंडी इंदौर के सोयाबीन कारोबारी हेमंत जैन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि खाद्य तेल इतने सस्ते हो गए हैं कि सोयाबीन की पेराई में पड़ना नहीं पड़ रहा है। सोया खली की मांग भी सुस्त है। लिहाजा मांग कमजोर पडने से सोयाबीन के भाव गिर रहे हैं। महीने भर में भाव 300 रुपये घटकर 4,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं।

कमोडिटी विशेषज्ञ इंद्रजीत पॉल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोयाबीन के दाम गिरे हैं और घरेलू बाजार में खाद्य तेल लगातार सस्ते हो रहे हैं। ऐसे में इसका असर सोयाबीन की कीमतों में दिख रहा है। बीते एक माह के दौरान सोयाबीन के भाव 7 फीसदी टूट चुके हैं। सोयाबीन की आवक अधिक होने के कारण भी कीमतों पर दबाव पड रहा है। वर्ष 2022-23 में 8 जून तक 50.75 लाख टन सोयाबीन की आवक हो चुकी है। जो पिछली समान अवधि की आवक 40.96 लाख टन से 24 फीसदी ज्यादा है।

जारी रह सकती है सोयाबीन की कीमतों में सुस्ती

जैन ने कहा कि फिलहाल मांग सुधरने की संभावना कम लग रही है। ऐसे में आगे सोयाबीन कीमतों में नरमी जारी रह सकती है। हालांकि भाव काफी गिर चुके हैं। ऐसे में अब और बडी गिरावट के आसार नहीं है।

पॉल ने कहा कि सोयाबीन के भाव आगे मानसून पर काफी हद तक निर्भर करेंगे। मौजूदा हालात में भाव 100 रुपये और गिर सकते हैं। लेकिन महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मानसून में देरी होने पर सोयाबीन की बोआई पर बुरा असर पडेगा। ऐसे में सोयाबीन के भाव सुधर भी सकते हैं।

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First Published - June 9, 2023 | 4:41 PM IST

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