facebookmetapixel
Advertisement
SBI पर 4 ब्रोकरेज बुलिश, ₹1,370 तक दिया टारगेट, Gold Loan में करीब 100% उछालUP में बकायेदारों को बड़ी राहत: लागू होगी OTS योजना, किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया गृह और जल करUP में ₹10 लीटर बिकेगा गोमूत्र: बुलंदशहर से हुई शुरुआत, महिलाओं को मिलेगा ₹2 प्रति लीटर कमीशनपति या पत्नी में से किसी एक को क्वार्टर मिला तो क्या दूसरे को मिलेगा HRA? सरकार ने संसद में दे दिया जवाबनतीजों के बाद Lupin में क्या करें निवेशक? ब्रोकरेज ने स्टॉक पर दिए ₹2,600 तक के टारगेटExplainer: फ्रीलांसिंग से हुई कमाई? ‘Section 44ADA’ का उठाएं फायदा और समझें टैक्स छूट के सभी नियमSIF कैटेगरी में बढ़ा मुकाबला! एक साथ लॉर्ज, मिड और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश का मौकाOla Electric पर SELL, 30 रुपये का टारगेट; शेयर में 23% गिरावट का डर क्यों?HDFC Bank ने घटाई MCLR, क्या अब सस्ता होगा आपका लोन? जानिए किन ग्राहकों की EMI पर पड़ेगा सीधा असरजीरो बैंलेंस अकाउंट में डेबिट कार्ड मिलता है या नहीं? SBI, HDFC, ICICI, BoB और Kotak Bank में क्या हैं नियम

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से रुपया कमजोर, बॉन्ड यील्ड में तेजी; डॉलर के मुकाबले दबाव बढ़ा

Advertisement

चालू कैलेंडर वर्ष में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में अब तक 4.94 प्रतिशत की कमजोरी आई है। लेकिन चालू वित्त वर्ष में इसमें अब तक 0.28 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है

Last Updated- April 28, 2026 | 10:06 PM IST
Indian Rupee vs US Dollar today

डीलरों ने बताया कि मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रुपया कमजोर हुआ और सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आई। रुपया 0.38 प्रतिशत गिरकर 94.55 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि एक दिन पहले यह 94.19 प्रति डॉलर पर था। कारोबारियों ने बताया कि सरकारी बैंकों ने संभवतः भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर खरीदे, जिससे रुपये को और गिरने से बचाया जा सका।

चालू कैलेंडर वर्ष में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में अब तक 4.94 प्रतिशत की कमजोरी आई है। लेकिन चालू वित्त वर्ष में इसमें अब तक 0.28 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी में ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतें 111 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। ऐसे में तेल आयात के लिए डॉलर की मांग ज्यादा रहने की उम्मीद है। तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपया संवेदनशील नजर आ रहा है। एफपीआई और दूसरे स्रोतों से लगातार होती निकासी से भी इस मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।’

कच्चे तेल की कीमतों में 2.62 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 111.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स 0.25 प्रतिशत बढ़कर 98.73 पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स छह प्रमुख मुद्राओं के समूह के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापता है।

मंगलवार को एशियाई व्यापार में तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध कम होने के संकेत नहीं दिख रहे थे। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तेहरान के होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे अल्पाव​धि में महत्त्वपूर्ण शिपिंग मार्ग काफी हद तक बंद है। इस बीच, बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल 4 आधार अंक बढ़कर 6.98 प्रतिशत पर आ गया, जो एक दिन पहले 6.94 प्रतिशत के स्तर पर था।

Advertisement
First Published - April 28, 2026 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement