Dollar Vs Rupees: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने लगा है। इसका सीधा असर अब भारतीय रुपये पर भी देखने को मिल रहा है। सोमवार (20 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में रुपया 12 पैसे गिरकर 96.42 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली और डॉलर की बढ़ती मांग के चलते रुपये पर दबाव देखने को मिला।
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में सोमवार को रुपया 96.53 प्रति डॉलर पर खुला। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ा सुधार आया और यह 96.42 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। फिर भी यह पिछले बंद स्तर 96.30 रुपये प्रति डॉलर से 12 पैसे नीचे रहा। इससे पहले शुक्रवार को घरेलू बाजार के अच्छे प्रदर्शन और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के कारण रुपया मजबूत होकर 96.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
सोमवार को पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और हवाई हमलों की आशंका के कारण हालात और गंभीर होने से होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग गतिविधियां प्रभावित हुईं और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई।
इसका सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा, जिसके बाद विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से पैसा भी निकालना शुरू कर दिया है। इसी वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा और इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। बता दें, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार से 376.41 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है।
घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को वैश्विक दबाव के चलते सेंसेक्स 593.78 अंक (0.76%) गिरकर 77,557.67 पर और निफ्टी 169.20 अंक (0.70%) फिसलकर 24,165.10 पर पहुंच गया। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 376.41 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली भी इसका कारण माना जा रहा है।