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फिर मजबूत होने लगा पाम तेल

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Last Updated- December 07, 2022 | 12:45 PM IST

वैश्विक बाजार में वनस्पति तेलों की कड़ी आपूर्ति के बीच निवेश बढ़ने से मलयेशिया में पाम ऑयल की कीमत में मंगलवार को पिछले 5 दिनों में पहली बार बढ़ोतरी हुई।


निवेशकों का मानना है कि पाम ऑयल की कीमत जो पिछले 15 हफ्ते के न्यूनतम स्तर तक पहुंच चुकी है, काफी कम है। इस वजह से पाम ऑयल में जमकर निवेश किया गया। पाम तेल भंडार के रेकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के चलते पिछले दो हफ्तों मे पाम तेल का भाव 6.6 फीसदी कम हो चुका है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक अर्जेंटीना ने सोयाबीन के निर्यात पर कर लगाने की योजना बनायी है। इससे सोयाबीन की तुलना में पाम तेल 26 फीसदी सस्ता हो चुका है। सिंगापुर के एक विश्लेषक ने बताया कि अमेरिका में बाढ़ के चलते फसलों को तगड़ा नुकसान पहुंचा है। इससे पहले से ही चुस्त वनस्पति तेल की आपूर्ति और तंग हो गई है। उसके अनुसार, सोयाबीन की तुलना में पाम तेल का भाव रेकॉर्ड सस्ता हो चुका है।

मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज में सबसे सक्रिय अनुबंध यानी अक्टूबर में डिलीवर होने वाले सौदे में 0.6 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। फिलहाल एक टन पाम तेल का भाव 1,011 डॉलर तक पहुंच चुकी है। चार दिन में पहली बार दिसंबर में डिलीवर होने वाले अनुबंध में 0.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

पिछले एक साल में इस तेल में 66 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पाम और सोयाबीन तेल दुनिया में सबसे अधिक खपत होने वाले तेलों में है। उधर मलेशियाई पाम बोर्ड के अनुसार, पाम तेल का भंडार पिछले महीने 20.4 लाख टन तक पहुंच गया था।

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First Published - July 22, 2008 | 10:40 PM IST

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