facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बावजूद नहीं रुकेगी ग्रेट निकोबार पोर्ट परियोजना, तय समय पर होगी पूरी: पोत परिवहन मंत्री सर्वानंद सोनोवालऑनलाइन बिकने वाले खाने-पीने के सामान पर एक्सपायरी डेट गायब, उपभोक्ता मामलों के विभाग में करें शिकायतअल नीनो और एथनॉल की बढ़ती मांग से चीनी उद्योग पर संकट, उत्पादन और निर्यात दोनों पर दबावEditorial: तेल की कीमतें घटीं, अब विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने पर जोररुपये की कमजोरी की जड़ें कहीं गहरी, सिर्फ तेल और पश्चिम एशिया संकट नहीं जिम्मेदारसफर के अनुभव: अमेरिका यात्रा और भारत को लेकर निकले निष्कर्षतेल कीमतों का सबसे बुरा दौर बीत चुका, भाव 80-90 डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद: जिम बर्कहार्डGold-Silver Price: डॉलर की तेजी और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद से सोने-चांदी में आई गिरावटसेबी का बड़ा प्रस्ताव: वित्तीय कंपनियों को मिलेगी सेलेब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति, विज्ञापन नियम होंगे आसानAI कंपनियों के लिए जोखिम ढांचा और नया कानून लाएगी सरकार, संसद में इस साल पेश हो सकता है विधेयक

धान के एमएसपी का ऐलान

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 5:04 AM IST

खरीफ सीजन 2008-09 में धान की खरीद केलिए सरकार ने गुरुवार को इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा करने का ऐलान कर दिया।


सरकार ने कहा कि 2008-09 (अक्टूबर-सितंबर) में धान की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 105 रुपये ज्यादा यानी 850 रुपये होगा। हालांकि सरकार ने इस बाबत अंतिम फैसला लेने का अधिकार प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के ऊपर छोड़ दिया।

वैसे कृषि लागत व मूल्य के लिए बनाए गए आयोग (सीएसीपी) ने इस खरीफ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य एक हजार रुपये करने की सिफारिश की थी। विभिन्न फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश करने वाले आयोग सीएसीपी ने धान के कॉमन वेरायटी के लिए एक हजार रुपये करने की सिफारिश की थी।

2007-08 में धान के कॉमन वेरायटी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 645 रुपये था, जबकि इससे ऊंचे ग्रेड के लिए 675 रुपये था। इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 100 रुपये से ज्यादा बोनस देने का ऐलान किया गया है। कैबिनेट कमिटी ऑन इकनॉमिक अफेयर्स की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि कुछ राज्य मसलन गुजरात, मध्य प्रदेश और उड़ीसा एक हजार रुपये के एमएसपी का समर्थक था जबकि कुछ राज्य चाह रहे थे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य इससे कम हो।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सामने भी रख दिया गया है। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा – वास्तव में हिमाचल प्रदेश चाहता था कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 645 रुपये रखा जाए, यह कीमत वर्तमान में लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य 745 रुपये प्रति क्विंटल से काफी कम है।

ए ग्रेड के लिए सीएसीपी ने 1050 रुपये प्रति क्विंटल की सिफारिश की थी जबकि वर्तमान में न्यूनतम समर्थन मूल्य 775 रुपये है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस बाबत निर्णय सही तरीके से लिया गया। इस बैठक में दूसरी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि इसके बारे में फैसला इसलिए लिया गया कि बाजार में धान की कीमतें काफी तेजी से बढ़ रही है।

वैसे चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री का आर्थिक सलाहकार परिषद सीएसीपी केपूरी सिफारिशों पर गौर करेगा न कि सिर्फ धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर। यह पहला ऐसा मौका नहीं है जब सीएसीपी की सिफारिशें पूरी तरह नहीं मानी गई हो, चिदंबरम ने कहा कि पहले ही ऐसे मौके आए हैं जब सीएसीपी केफैसले बदल दिए गए हैं।

चिदंबरम ने कहा कि वाम दल शासित राज्य केरल व पश्चिम बंगाल ने सीएसीपी के अपने आकलन नहीं भेजे, जबकि कुछ राज्यों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 1300 रुपये तक करने की इच्छा जताई थी। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि धान के कॉमन वेरायटी केन्यूनतम समर्थन मूल्य में 1999-2000 से 2003-04 के बीच 60 रुपये का इजाफा हुआ है जबकि 2003-04 से 2007-08 के बीच इसमें 195 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया।

Advertisement
First Published - June 12, 2008 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement