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वस्त्र और फुटवियर पर 12 फीसदी जीएसटी का फैसला टाले मंत्रालय

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:35 PM IST

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि वह वस्त्रों और फुटवियर पर 5 फीसदी की जगह 12 फीसदी जीएसटी की वसूली के फैसले को टाल दे।
उसने इस मामले पर चर्चा करने और एक सहमति पर पहुंचने के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन, व्यापार जगत प्रतिनिधियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर एक कार्य बल के गठन की भी मांग की है।
कैट ने अपने पत्र में कहा, ‘वस्त्रों और फुटवियर पर कर की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना अतार्किक होने के साथ साथ जीएसटी कर ढांचे के सिद्घांत से परे है खासकर ऐसे समय पर जब देश का घरेलू व्यापार कोविड के पिछली दो लहरों में हुई भयानक क्षति से उबरने की कोशिश कर रहा है।’ वस्त्र और फुटवियर के लिए जीएसटी की नई कर दरें 1 जनवरी से लागू की जाएगी। फिलहाल, 1,000 रुपये से कम कीमत के वस्त्रों और फुटवियर पर 5 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि देशभर में जीएसटी संग्रह में हर महीने इजाफा हो रहा है और साझेदारों के साथ परामर्श किए बगैर कर दरों में इजाफा करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारोबारी सुगमता के आह्वान के विपरीत है।
कैट ने कहा कि वस्त्र उद्योग को दोबारा से कर के दायरे में लाना ही समूचे वस्त्र उद्योग के लिए अपने आप में एक बड़ा झटका था।
पत्र में कहा गया, ‘जीएसटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किए जाने से न केवल अंतिम उपयोगकर्ता पर कर बोझ बढ़ेगा बल्कि इससे छोटे कारोबारी भी प्रभावित होंगे और साथ ही इससे वे कर चोरी तथा विभिन्न कदाचारों के लिए प्रोत्साहित होंगे।’

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First Published - December 27, 2021 | 11:20 PM IST

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