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चीनी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, डीलरों की स्टॉक सीमा की आधी

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सरकार ने थोक व्यापारियों के लिए चीनी के स्टॉक की लिमिट को 4000 क्विंटल से आधा घटाकर 2000 क्विंटल कर दिया

Last Updated- September 01, 2026 | 6:34 PM IST
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Sugar Stock Limit: त्योहारी सीजन में घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी तथा सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने थोक व्यापारियों के लिए चीनी के स्टॉक की लिमिट को 4000 क्विंटल से आधा घटाकर 2000 क्विंटल कर दिया है। यह नई सीमा 15 सितंबर से 30 नवंबर तक के लिए लागू रहेगी।

सप्लाई चेन सही रखने के लिए उठाया कदम

15 सितंबर 2026 से डीलर एक समय में अधिकतम 2,000 क्विंटल चीनी ही अपने पास रख सकेंगे। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि, संशोधित स्टॉक सीमा 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। फिलहाल डीलरों को अधिकतम 4,000 क्विंटल चीनी रखने की अनुमति है। यह सीमा 1 अगस्त से लागू हुई थी।

सरकार ने अपने बयान में कहा है कि इस कदम का मकसद जमाखोरी पर और रोक लगाना, सट्टेबाजी वाले व्यापार को हतोत्साहित करना और चीनी के स्टॉक को बहुत ज्यादा जमा होने से रोकना है। इससे सप्लाई चेन में चीनी की आवाजाही सुचारू रूप से हो सकेगी और उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर इसकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

30 दिनों से अधिक स्टॉक रखने की अनुमति नहीं

नई व्यवस्था के तहत डीलर किसी भी समय या किसी भी स्थान पर 2,000 क्विंटल से अधिक चीनी नहीं रख सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक उसका स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। सरकार के अनुसार, नई सीमा का उद्देश्य चीनी की अत्यधिक जमाखोरी रोकना, सट्टा कारोबार को हतोत्साहित करना और आपूर्ति श्रृंखला में चीनी की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करना है। इससे उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चीनी की लगातार उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कोलकाता को मिली छूट

हालांकि, कोलकाता और इसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र में डीलरों के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा जारी रहेगी। सरकार के अनुसार, कोलकाता को यह छूट इसलिए दी गई है क्योंकि वहां चीनी की आपूर्ति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से होती है और कोलकाता से पूर्वी तथा पूर्वोत्तर राज्यों में चीनी की आपूर्ति की जाती है।

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स्टॉक की होगी कड़ी निगरानी

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा डीलरों के पास उपलब्ध चीनी के वास्तविक स्टॉक की जांच की जाएगी। यह फैसला घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कई कदमों का हिस्सा है। इससे पहले चीनी मिलों और डीलरों के लिए स्टॉक सीमा से जुड़े नियमों में बदलाव के साथ-साथ मासिक चीनी बिक्री कोटा व्यवस्था में भी परिवर्तन किए गए हैं।

मिल स्तर पर चीनी के दाम घटे

सरकारी हस्तक्षेप के बाद चीनी की एक्स-मिल कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। कुछ समय पहले कीमतें करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं, जो अब घटकर लगभग 45 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई हैं। सरकार का कहना है कि स्टॉक सीमा सख्त करने से अत्यधिक भंडारण और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। इससे बाजार पर दबाव कम हुआ और मिल स्तर पर चीनी की कीमतों में भी गिरावट आई है।

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First Published - September 1, 2026 | 6:34 PM IST

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