facebookmetapixel
Silver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आया

सरकार ने पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में गेहूं खरीद नियमों में दी ढील

Last Updated- April 11, 2023 | 8:04 PM IST
agriculture warehouse market

किसानों के हितों की रक्षा तथा उन्हें घबराहटपूर्ण बिकवाली से रोकने के लिए केंद्र ने पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान में गेहूं खरीद के गुणवत्ता नियमों में ढील दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इन राज्यों के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा ने गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है, जो कटाई के लिए तैयार थी।

इन प्रदेशों की सरकारों ने खरीद नियमों में ढील देने की मांग की थी। मौजूदा समय में मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद चल रही है, जबकि अन्य राज्यों में बेमौसम बारिश के कारण इसमें देरी हुई है। सरकारी स्वामित्व वाला भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर गेहूं की खरीद करता है।

केंद्रीय खाद्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘क्षेत्रीय सर्वेक्षण के बाद हमने पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान में गेहूं की खरीद के लिए गुणवत्ता मानदंडों में ढील दी है, ताकि किसानों की कठिनाई को कम किया जा सके और उन्हें गेहूं की संकटपूर्ण बिक्री करने से बचाया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने एकसमान विनिर्देशों के तहत छह प्रतिशत की मौजूदा सीमा के मुकाबले 18 प्रतिशत तक सिकुड़े और टूटे हुए अनाज की सीमा में छूट दी है।

उन्होंने कहा कि छह प्रतिशत तक सूखे और टूटे अनाज वाले गेहूं पर कोई मूल्य कटौती लागू नहीं होगी। दस प्रतिशत तक बगैर चमक वाले गेहूं पर मूल्य कटौती लागू नहीं होगी, जबकि 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक चमक हानि वाले गेहूं पर एकसमान आधार पर 5.31 रुपये प्रति क्विंटल की मूल्य कटौती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा क्षतिग्रस्त और थोड़ा क्षतिग्रस्त अनाज दोनों को मिलाकर छह प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। सिंह ने आगे कहा कि भंडारण के दौरान शिथिल मानदंडों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक की गुणवत्ता में कोई गिरावट की राज्य सरकारों की पूरी जिम्मेदारी होगी। इस गेहूं का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छूट के कारण कोई भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी। केंद्र ने इन राज्य सरकारों से किसानों को भुगतान करते समय 2,125 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से लगाए गए मूल्य में कटौती करने को कहा है।

अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की इसी तरह की मांग पर विचार किया जा रहा है। फील्ड रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

सरकार ने चालू विपणन वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) में 10 अप्रैल तक 13.20 लाख टन गेहूं की खरीद की है, जिसमें ज्यादातर खरीद मध्य प्रदेश से की गई है। खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में पंजाब में करीब 1,000 टन जबकि हरियाणा में 88,000 टन गेहूं की खरीद हुई है।

पंजाब और हरियाणा में कम खरीद के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, ‘‘बेमौसम बारिश के कारण खरीद में देरी हुई। आवक ज्यादा नहीं थी और इसलिए खरीद ज्यादा नहीं हुई। हालांकि, अगले कुछ दिन में गेहूं की खरीद बढ़ेगी।’’

केंद्र का लक्ष्य चालू विपणन वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) में 3.42 करोड़ टन गेहूं की खरीद करना है, जो पिछले वर्ष में 1.9 करोड़ टन की खरीद से अधिक है। पिछले साल गर्मी और बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन में मामूली गिरावट की वजह से गेहूं की खरीद में गिरावट आई थी। हालांकि, इस साल उत्पादन रिकॉर्ड 11.22 करोड़ टन होने का अनुमान है।

First Published - April 11, 2023 | 8:04 PM IST

संबंधित पोस्ट