Gold-Silver Outlook: अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सर्राफा कारोबारी सितंबर माह में उतार-चढ़ाव के एक और दौर के लिए तैयार हैं। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक भारत सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सेवा पीएमआई आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज एंड करेंसी) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ”आने वाला सप्ताह अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरा रहने की संभावना है, क्योंकि बाजार भागीदार सितंबर में फेडरल रिजर्व की नीति में बदलाव की संभावना को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।”
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलिवरी वाला सोना वायदा पिछले सप्ताह 6,157 रुपये यानी 3.8 फीसदी गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि सितंबर अनुबंध वाली चांदी 9,893 रुपये यानी चार फीसदी टूटकर 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।
त्रिवेदी ने कहा, ”एमसीएक्स सोने में पिछले सप्ताह तेज गिरावट देखी गई, जो लगभग 1.63 लाख रुपये से गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके चलते सप्ताह के ऊपरी स्तर से लगभग 6,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई।”
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जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रसिडेंट (कमोडिटीज एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण के बाद शुक्रवार को बिकवाली का दबाव तेज हो गया, जिसमें महंगाई और मौद्रिक नीति पर उनकी टिप्पणियों ने सर्राफा बाजारों में मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, कॉमेक्स पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना वायदा 150.7 डॉलर यानी 3.2 फीसदी गिरकर 4,680.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। चांदी वायदा 2.56 डॉलर या 3.64 फीसदी गिरकर 67.78 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
मेर ने कहा कि नए महीने में प्रवेश करते हुए बाजार अमेरिकी श्रम-बाजार संकेतकों पर बारीकी से नजर रखेगा, जिसमें गैर-कृषि पेरोल, बेरोजगारी के आंकड़े और एडीपी गैर-कृषि रोजगार परिवर्तन शामिल हैं, जो सितंबर की बैठक से पहले फेडरल रिजर्व के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।
कारोबारी अमेरिका-ईरान संघर्ष पर नजर बनाए रखेंगे, जबकि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के घटनाक्रम कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के अनुमान को प्रभावित कर सकते हैं।