facebookmetapixel
Advertisement
NDA कॉन्क्लेव में पीएम मोदी बोले, “मेरे लिए जनता ही भगवान का स्वरूप”महाराष्ट्र में प्याज मुद्दे पर बनाई गई सब कमेटी, 15 दिनों के अंदर सुझावों के साथ जमा करेंगी रिपोर्टग्लोबल सुस्ती के बीच फ्लेक्सी स्टाफिंग सेक्टर ने जोड़े 1.18 लाख नए रोजगारSEBI का बड़ा प्रस्ताव: AMC कर्मचारियों और फंड मैनेजर्स की सैलरी डिटेल्स नहीं होंगी सार्वजनिक?SEBI की मंजूरी के साथ MF कारोबार में उतरी Nuvama, SIF से करेगी शुरुआतGold ETFs में 13 महीने से जारी निवेश का सिलसिला टूटा, मई में निवेशकों ने निकाले ₹725 करोड़मई में Equity MFs में निवेश 40% घटा, 12 महीने का लो रिकॉर्ड; ₹30,954 करोड़ के साथ SIP इनफ्लो ने संभाली रफ्तारFD से ज्यादा रिटर्न का मौका? RBI के कदम के बाद बैंकों में ब्याज बढ़ाने की होड़भारत बना ग्लोबल इकॉनमी का ‘ब्राइट स्पॉट’, चंद्रशेखरन ने बताया क्यों दुनिया की नजरें यहीं टिकींWipro का सबसे बड़ा बायबैक गुरुवार से, 180 रुपये के शेयर पर 250 रुपये देने को तैयार कंपनी

बढ़त के बाद सोने में पहली साप्ताहिक नरमी मुमकिन, अमेरिका-ईरान तनाव और तेल कीमतों का असर

Advertisement

हाजिर सोना 0.3 फीसदी बढ़कर 4,704.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 13 अप्रैल के बाद इसका सबसे निचला स्तर है

Last Updated- April 24, 2026 | 10:54 PM IST
gold jewellery

सोने की कीमतें शुक्रवार को बढ़ गई लेकिन पांच हफ्तों की लगातार बढ़त के बाद इस हफ्ते इसमें पहली बार गिरावट देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं बरकरार हैं।

हाजिर सोना 0.3 फीसदी बढ़कर 4,704.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 13 अप्रैल के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। इस हफ्ते अब तक इसमें लगभग 2.5 फीसदी की गिरावट आई है। जून डिलिवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 0.1 फीसदी बढ़कर 4,721.10 डॉलर पर पहुंच गया।

यूबीएस के विश्लेषक जियोवानी स्टौनवो ने कहा, पिछले दिनों की तरह सोने की चाल तेल की कीमतों से जुड़ी हुई है। तेल की कीमतें पहले 2 फीसदी बढ़ीं, अब 1 फीसदी नीचे आ गई हैं और ऐसा लगता है कि इसका संबंध ईरान और अमेरिका के बीच संभावित रूप से फिर से शुरू होने वाली बातचीत से है।

एक सूत्र ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची के शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है और अमेरिका के साथ शांति वार्ता होने की संभावना है। शुक्रवार को तेल की कीमतें नकारात्मक हो गईं, ब्रेंट लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, लेकिन फिर भी इस सप्ताह 16 फीसदी की बढ़त की ओर अग्रसर है।

कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं, जिससे ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

Advertisement
First Published - April 24, 2026 | 10:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement