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त्योहारी सीजन में सब्जियों के दाम में लगी आग

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:30 PM IST

त्योहारी सीजन में उत्तर प्रदेश की मंडियों में सब्जियों के दामों में आग लगी हुई है। सितंबर के आखिरी सप्ताह से लेकर अक्टूबर में हुई बेमौसम बरसात के चलते जहां प्रदेश में सब्जी की फसल खेतों में बड़े पैमाने पर बरबाद हुई है वहीं बाहरी माल की आवक भी कमजोर हो गई है। इन सबके के ऊपर त्योहारी मांग का बाजार पर खासा दबाव है।
बाहरी आवक में सुधार के बिना दाम में कमी आना संभव नहीं

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में थोक मंडियों में आलू, प्याज, टमाटर जैसी रोजमर्रा की जरूरत की सब्जियों में तो खासी तेजी आई ही हैं वहीं मौसमी सब्जियां भी मंहगी हो गई हैं। थोक विक्रेताओं का कहना है कि बाहरी आवक में सुधार के बिना दाम में कमी आना संभव नहीं है। उनका कहना है कि अगले महीने से शुरू होने वाली सहालग में दाम और ऊपर ही जाएंगे। 

मौसम खराब होने के चलते बाहर से आने वाले माल में भी कमी आई है और स्थानीय फसल की आवक बरसात के बाद न के बराबर रह गई है। थोक दुकानदारों का कहना है कि ज्यादातर स्थानीय किसान अब दोबारा गोभी, शलगम, तोरई, टिंडा वगैरा की फसल लगा रहे हैं। आलू की अगैती बोआई करने वाले किसानों का बीज खेतों की नालियों में ही भारी बरसात के चलते सड़ गया है। सब्जी के आढ़तियों के मुताबिक पालक, सोया-मेंथी, बथुआ जैसे साग की आवक बाजार में बहुत कम है और जो माल आ भी रहा वो बहुत ज्यादा दामों पर मिल रहा है।
आलू, प्याज और टमाटर के दाम बढ़े

आढ़तियों का कहना है कि महीने भर पहले 20 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर इन दिनों थोक बाजार में 50 रुपये तो खुदरा बाजार में 60 रुपये किलो बिकने लगा है। आलू की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं और अक्टूबर की बारिश के चलते अगैती फसल पर पड़े असर के बाद अभी और मंहगाई आएगी। थोक बाजार में आलू 900 रुपये में 50 किलो का बोरा बिक रहा है जबकि खुदरा बाजार में कीमतें 20 से 22 रुपये किलो से कम नहीं हैं। मध्य प्रदेश से आवक बेहतर रहने के चलते प्याज के दामों में जरूर तेजी नहीं देखने को मिल रही है पर आने वाले दिनों में इसमें कुछ तेजी दिख सकती है। अभी थोक बाजार में प्याज के दाम 25 से 30 रुपये किलो चल रहे हैं।
हरी सब्जियों के दाम में सबसे ज्यादा आग 

मंडियों में सबसे ज्यादा आग हरी सब्जियों के दामों में लगी हुई है। खुदरा मंडी में शिमला मिर्च 100 से 120 रुपये, बीन्स 140 से 160 रुपये किलो मिल रही है। परवल और करेला 80 से 100 रुपये किलो तो स्थानीय बाजारों से आने वाला बैंगन भी 30 से 40 रुपये किलो की कीमत पर मिल रहा है। आढ़तियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अच्छी पैदावार के चलते हर साल फूल गोभी की कीमत काबू में रहती थी पर इस साल अक्टूबर की बारिश ने इस पर भी असर डाला है।

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First Published - October 20, 2022 | 5:46 PM IST

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